मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने पड़ोसी खाड़ी देशों से अपने ‘असली दुश्मन’ को पहचानने और एकजुट होकर मुकाबला करने की अपील की है. युद्ध शुरू होने के छह महीने पूरे होने पर जारी एक लिखित संदेश में मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस्लामिक देशों की सभी समस्याओं का समाधान सिर्फ आपसी ‘दोस्ती’ और ‘सहयोग’ में छिपा है.
‘मुसलमानों में फूट डालने वाले दुश्मनों के मददगार’
पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस के मौके पर दिए गए संदेश में खामेनेई ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के बीच किसी भी तरह का विभाजन सीधे तौर पर इस्लाम के दुश्मनों को फायदा पहुंचाता है. उन्होंने कहा, ‘कोई भी व्यक्ति, किसी भी पद पर हो, यदि वह ऐसा काम करता है जिससे मुसलमानों में फूट पड़े तो वह जाने-अनजाने दुश्मनों के मकसद को ही पूरा कर रहा है.’
पड़ोसी देशों से बिगड़े रिश्तों के बीच अपील
युद्ध की शुरुआत में अमेरिकी और इजरायली हमलों में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा ने कमान संभाली थी. पद संभालने के बाद से उन्होंने कोई सार्वजनिक भाषण या वीडियो संदेश जारी नहीं किया है, लेकिन वे लिखित बयानों के जरिए दिशा-निर्देश दे रहे हैं. संघर्ष के दौरान ईरान ने सऊदी अरब, यूएई, जॉर्डन, कुवैत, कतर और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए थे, जिससे खाड़ी देशों के साथ तेहरान के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए थे.
ईरानी नागरिकों से सामाजिक एकजुटता बनाए रखने को कहा
इस्लामिक देशों के साथ-साथ मोजतबा खामेनेई ने ईरान के आम नागरिकों से भी घरेलू मतभेद भुलाकर एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश के सामाजिक ताने-बाने और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी कदम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डॉलर पर निर्भरता धीरे-धीरे खत्म करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया.