अमेरिका और इजरायल की जवाबी कार्रवाई में ईरान ने खाड़ी देशों पर हमला किया था। ईरान अभी भी इन देशों पर निशाना बना रहा है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक प्रस्ताव पारित कर ईरान से खाड़ी देशों पर हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है। अमेरिका द्वारा लाये गए इस प्रस्ताव को 135 देशों ने सहप्रायोजित किया था। UNSC के 13 सदस्य देशों ने इसके पक्ष में वोट दिया जबकि रूस और चीन ने इस प्रस्ताव से किनारा किया।

बता दें कि गत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। ईरान ने हार्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया। इससे दुनिया के अन्य देशों में तेल और एलपीजी की सप्लाई में बाधा शुरू हो गई। अब अमेरिका ने इस हार्मुज स्ट्रेट को शुरू करने का प्रयास करने का दावा किया है।

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इसके लिए अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव खाड़ी देशों पर ईरान का हमला रोकने का था। इसके पक्ष में 13 देशों ने वोट दिया है। वहीं रूस और चीन ने इससे दूरी बनाई। परिषद का कहना है कि खाड़ी देशों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। प्रस्ताव के पक्ष में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर किए जा रहे सभी हमलों को तुरंत बंद करने की मांग की गई है।

प्रस्ताव से चीन और रूस ने दूरी बनाई। दोनों देशों ने प्रस्ताव की आलोचन की। कहा कि इस प्रस्ताव में ईरान पर हुए अमरिकी-इजरायली हमलों का जिक्र नहीं है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कर लिया है। यहां से दुनिया के करीब 20% तेल और गैस की आपूर्ति गुजरती है।

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