अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहतर होने का नाम नहीं ले रहे हैं. दोनों देशों के बीच चल रहा युद्ध अब एक नए मोड़ पर आ पहुंचा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने इस स्थिति को लेकर जानकारी दी है.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अमेरिका से बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इसके लिए सहमति दे दी है. साथ ही ईरान को साफ बता दिया गया है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर अब खत्म हो चुका है.
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हालांकि, उन्होंने इस बातचीत के तौर-तरीकों या सीजफायर की शर्तों को लेकर कोई बहुत ज्यादा खुलकर जानकारी साझा नहीं की है.
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ईरान ने क्या कहा?
सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने शुक्रवार को उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि तेहरान ने वाशिंगटन के साथ बातचीत का अनुरोध किया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन अपने वादों का उल्लंघन करता है, तो इसके जवाब में तुरंत जवाबी कदम उठाए जाएंगे.
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बातचीत के अनुरोधों से ईरान ने किया इनकार
प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बातचीत के लिए ईरान के अनुरोधों के दावों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत का कोई अनुरोध नहीं किया है.' उन्होंने पिछले महीने हुए शांति समझौते के ढांचे का अमेरिका द्वारा बार-बार उल्लंघन किए जाने का हवाला दिया.
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जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
बघाई ने चेतावनी दी कि तेहरान किसी भी उल्लंघन का जवाब देगा. उन्होंने कहा, 'अगर वॉशिंगटन अपने वादों को तोड़ता है, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई करेगा.' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी नीति 'वादे के बदले वादा' के सिद्धांत पर आधारित है.
ट्रंप के जवाबी दावे
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि ईरान ने 'बातचीत' जारी रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसे वॉशिंगटन ने मान लिया है. ट्रंप ने यह भी कहा कि पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुआ संघर्ष-विराम अब 'खत्म' हो चुका है.
कई हफ्तों तक तनाव बढ़ने के बाद पिछले महीने शांति समझौते का एक फ्रेमवर्क तैयार किया गया था और उस पर हस्ताक्षर किए गए थे. समझौते के लागू होने के बाद से वॉशिंगटन और तेहरान एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के आरोप लगाते रहे हैं, जिससे इस इलाके में फिर से टकराव शुरू होने की चिंता बढ़ गई है.