हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'मेरी बात याद रखना, बहुत पछताओगे अमेरिका', भारतीय नौसेना के अतिथि पोत पर हमले से आगबबूला हुआ ईरान

अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान के आधुनिक युद्धपोत ‘आईरिस देना’ को टॉरपीडो से डुबो दिया है. भारत के इस ‘अतिथि पोत’ पर हमले से भड़के ईरान ने अमेरिका को भारी अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है.

विज्ञापन

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना ने एक बेहद आक्रामक कदम उठाते हुए ईरान के आधुनिक युद्धपोत ‘आईरिस देना’ (IRIS Dena) को समुद्र में डुबो दिया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने वॉशिंगटन में इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस ईरानी पोत को टॉरपीडो से निशाना बनाया. हेगसेथ के मुताबिक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी दुश्मन युद्धपोत को टॉरपीडो मारकर समंदर में दफन किया गया है. अमेरिका ने दावा किया कि यह वही जहाज था जिसका नाम पूर्व ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के सम्मान में रखा गया था. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि वे इस युद्ध के दौरान अब तक ईरान के लगभग 17 नौसैनिक जहाजों को तबाह कर चुके हैं.

भारतीय नौसेना का ‘मेहमान’ था यह युद्धपोत

ईरान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन और अत्याचार करार दिया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि ‘आईरिस देना’ हाल ही में भारत द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था और वह भारतीय नौसेना का अतिथि पोत था. उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि बिना किसी उकसावे के किए गए इस हमले की उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. ईरान का मानना है कि अमेरिका ने एक गलत उदाहरण पेश किया है जिस पर उसे भविष्य में बहुत पछतावा होगा. इस युद्धपोत पर लगभग 180 लोग सवार होने की खबर है जिससे यह मामला अब एक बड़े मानवीय संकट में बदल गया है.

यह भी पढ़ें: भारत ने बनाया दुनिया का सबसे ‘स्मार्ट’ आत्मघाती ड्रोन, 1000 किमी दूर दुश्मन के कलेजे को चीर देगा यह ‘शेषनाग’

विज्ञापन

श्रीलंका ने चलाया विशाल रेस्क्यू ऑपरेशन

जहाज डूबने की सूचना मिलते ही श्रीलंकाई नौसेना और तटरक्षक बल तुरंत एक्शन में आ गए. श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि उन्हें तड़के गॉल बंदरगाह से लगभग 40 समुद्री मील दूर ‘आईरिस देना’ के डूबने की खबर मिली थी. इसके बाद श्रीलंकाई वायु सेना और नौसेना ने मिलकर एक बड़ा संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया. अब तक मिली जानकारी के अनुसार जहाज पर सवार 180 लोगों में से केवल 32 को ही सुरक्षित बचाया जा सका है जबकि करीब 150 नौसैनिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं. श्रीलंका सरकार ने साफ किया है कि जहाज डूबने के तकनीकी कारणों की जांच जारी है लेकिन फिलहाल प्राथमिकता बचे हुए लोगों को खोजने की है.

क्या है ‘आईरिस देना’ की ताकत और खासियत?

‘आईरिस देना’ ईरान की नौसेना के सबसे आधुनिक और शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक था. यह मौदगे (Moudge) श्रेणी का एक फ्रिगेट था जो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर समुद्र में गश्त करता था. इस पर भारी तोपें, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एंटी-शिप मिसाइलें और घातक टॉरपीडो तैनात थे. इतना ही नही इस पोत पर एक हेलीकॉप्टर लैंड करने की सुविधा भी मौजूद थी जो इसे निगरानी और हमले के लिए और भी खतरनाक बनाती थी. अमेरिका द्वारा इतने सक्षम युद्धपोत को डुबोना ईरान की नौसैनिक ताकत के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद हिंद महासागर और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में युद्ध की आग और भी भड़क सकती है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola