Iran President Masoud Pezeshkian On Strait of Hormuz: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने को अमेरिका के तेहरान के खिलाफ अपनी नाकाबंदी, बैन और दूसरे दबाव के तरीकों को खत्म करने से जोड़ा है. ‘इंडिया टुडे’ के साथ एक खास इंटरव्यू में ईरान के प्रेसिडेंट ने कहा कि ईरान स्ट्रेटेजिक रूप से अहम इस वॉटरवे के लिए इंटरनेशनल लेवल पर रिकॉग्नाइज्ड मैरीटाइम अरेंजमेंट पर काम करने के लिए तैयार है.
मैरीटाइम फ्रेमवर्क पर ईरान-ओमान की बातचीत
पेजेशकियन ने कहा कि तेहरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कंट्रोल करने वाले एक खास फ्रेमवर्क पर ओमान के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने वॉटरवे पर रोक लगाने के ईरान के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ये अमेरिका और इजरायली मिलिट्री एक्शन और ईरान पर दबाव के जवाब में आया है.
उन्होंने सवाल किया कि वाशिंगटन रीजनल रूट्स को ब्लॉक क्यों कर सकता है और इलाके में हथियार तैनात कर सकता है, जबकि वो ईरान से कोई जवाब न मिलने की उम्मीद कर रहा है? पेजेशकियन ने कहा कि तेहरान हमले के दौरान शांत रहने के बजाय अपना बचाव करता रहेगा.
US बैन हटना एक अहम शर्त
ईरान के टॉप लीडर ने साफ किया कि होर्मुज को पूरी तरह से फिर से खोलने से पहले बैन और यूएस ब्लॉकेड खत्म होने होंगे. उन्होंने वॉशिंगटन पर आरोप लगाया कि मिलिट्री एक्शन से अपने मकसद पूरे करने में नाकाम रहने के बाद वह आम ईरानियों पर इकोनॉमिक प्रेशर डाल रहा है.
पेजेशकियन के मुताबिक, बैन की वजह से बेरोजगारी, गरीबी और मरीजों के लिए मुश्किलें बढ़ी हैं, साथ ही बड़ी सोशल और इकोनॉमिक दिक्कतें भी पैदा हुई हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रेशर ईरान को सरेंडर करने के लिए मजबूर नहीं करेगा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक जरूरी ग्लोबल एनर्जी कॉरिडोर है, जिससे भारत जैसे देशों के लिए कोई भी लंबे समय तक रुकावट बड़ी चिंता का विषय बन जाती है, जो खाड़ी इलाके की एनर्जी सप्लाई पर बहुत ज्यादा डिपेंडेंट है.
‘डिप्लोमैटिक कोशिशें चल रही हैं’
पेजेशकियन ने कहा कि अरब देश और ओमान भी वॉटरवे के लिए एक अरेंजमेंट बनाने के मकसद से बातचीत में शामिल थे. उन्होंने इशारा किया कि प्रपोज्ड फ्रेमवर्क इंटरनेशनल लेवल पर माने गए प्रिंसिपल्स के तहत काम कर सकता है, जिसमें इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के रोल निभाने की उम्मीद है.
पेजेशकियन BRICS समिट के लिए नई दिल्ली में हैं, जहां उन्होंने प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की. उनकी बातचीत में इकोनॉमिक कोऑपरेशन बढ़ाने और ईरान के चाबहार पोर्ट पर भारत की पार्टनरशिप पर बात हुई. हालांकि, तेहरान का रुख पक्का है कि अमेरिका को पहले अपनी ब्लॉकेड और बड़े प्रेशर कैंपेन को खत्म करना होगा. फिलहाल, ईरान ने अपनी पोजीशन क्लियर कर दी है कि होर्मुज को फिर से खोलना इस बात पर निर्भर करता है कि वॉशिंगटन अपनी नाकाबंदी और पाबंदियों को कितनी जल्दी खत्म करता है.
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