अमेरिका के साथ समझौता करने के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया है। अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी भी हट गई है। समझौते के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही 60 दिन तक बिना टोल टैक्स के होगी। यह मंजूरी ईरान ने दी है। ईरान की बंदरगाहों से भी अमेरिकी सेना की नाकेबंदी हट गई है। लेकिन अभी समस्या यह है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की लंबी कतारें लगी हैं और भारी जाम है। इस समस्या का समाधान करने के लिए ईरान ने नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत पास अनिवार्य कर दिया गया है।
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ट्रांजिट पास के लिए ऐसे देनी होगी रिक्वेस्ट
पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) ने बिना किसी तरह की असुविधा के होर्मुज से जहाजों के गुजरने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। नियमों के अनुसार, समुद्री जहाजों को कम से कम 48 घंटे बाद ट्रांजिट पास के लिए रिक्वेस्ट देनी होगी। रिक्वेस्ट देने के बाद अथॉरिटी के संपर्क में रहना होगा। अगर चूक हुई तो जहाज के मालिक जिम्मेदार होंगे। अथॉरिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर ऑनलाइन रिक्वेस्ट की जा सकती है। पास के लिए दी गई रिक्वेस्ट एप्लिकेशन में सफर की पूरी डिटेल, रूट, कॉन्टैक्ट नंबर और शिप के बारे में बताना होगा। एप्लिकेशन वेरिफाई होने के बाद ही पास जारी होगा और होर्मुज से निकलने की अनुमति मिलेगी। होर्मुज के पास पहुंचने से पहले रिक्वेस्ट डालनी होगी।
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28 फरवरी से ब्लॉक थी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
बता दें कि 28 फरवरी 2026 को ईरान, अमेरिका और इजरायल का युद्ध शुरू हुआ था। युद्ध में अरब देशों के अलावा लेबनान और हिजबुल्लाह की भी एंट्री हुई। अमेरिका-इजरायल के हमलों के विरोध में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया। होर्मुज स्ट्रेट में माइंस बिछाकर समुद्री जहाजों को उड़ाने की धमकी दे दी। ईरान की इस हरकत के बदले में अमेरिकी नौसेना ने ईरान की बंदरगाहों पर होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी लगा दी। वहीं ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स या सर्विस फीस वसूलने का फैसला किया। लेकिन अब समझौता होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया गया है। नाकेबंदी और माइंस हटा ली गई हैं। वहीं होर्मुज 60 दिन के लिए टैक्स फ्री रहेगी। इसके रखरखाव का सारा खर्च ईरान सरकार वहन करेगी।
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