Iran Israel War Update: इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने दुबई, बहरीन, कतर, कुवैत और सऊदी अरब में पर हमला क्यों किया? ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे लेकर बड़ा खुलासा किया है। NBC न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान ने फारस की खाड़ी में अपने सहयोगियों से संपर्क किया।
उन्हें समझाया कि ईरान का उन पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। ईरान ने सेल्फ डिफेंस में अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। ईरान यह सोचकर चुप नहीं बैठ सकता कि दुश्मन के सैन्य ठिकाने उसके मित्र देशों में हैं। इसलिए वे यह न समझें कि हमला उन पर हुआ है, बल्कि हमला तो अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हुआ है।
---विज्ञापन---
अराघची का यह बयान अमेरिका और इज़राइल द्वारा इस्लामिक गणराज्य पर समन्वित हमले के कुछ घंटों बाद आया है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रम्प ने वहां के नागरिकों से अपने नेताओं को सत्ता से हटाने का आह्वान किया था। अराघची ने कहा कि जब तक लाखों लोग तथाकथित शासन का समर्थन कर रहे हैं, तब तक सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है।" उन्होंने आगे कहा कि संभावित सैन्य हमले को टालने के लिए, ईरानी अधिकारियों की एक टीम गुरुवार को जिनेवा में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर के साथ बातचीत कर रही थी।
---विज्ञापन---
उन्होंने कहा कि हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने में सक्षम रहे। हमारे बीच मतभेद तो हैं, लेकिन हमने उनमें से कुछ को सुलझा लिया है और हमने बाकी मुद्दों को सुलझाने का फैसला किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ रही है। ईरान में सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर विदेश मंत्री ने कहा कि यह असंभव है, क्योंकि देश की सरकार को जनता का समर्थन प्राप्त है। कुछ लोग शिकायत कर रहे हैं, लेकिन सत्ता के प्रबल समर्थक भी हैं। हमारे पास एक बहुत ही सुस्थापित राजनीतिक ढांचा है।