ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध जारी है और अब इसमें अमेरिका की एंट्री हो गई है। अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर बमबारी की है। इसके बाद ईरान ने अमेरिका को भी कड़ी चेतावनी दी है। वहीं, अमेरिका की ओर से कहा गया है कि यह हवाई कार्रवाई राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है। हमारा लक्ष्य केवल परमाणु ठिकानों को निशाना बनाना था। फिलहाल, ईरान के पास बातचीत का रास्ता अब भी खुला है।
उधर, ईरान अब इज़राइल पर हमला करने के लिए ‘खेबर’ मिसाइल का इस्तेमाल कर रहा है। ईरान ने हाइफा और तेल अवीव सहित इजराइल के कई स्थानों को निशाना बनाया और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई के बावजूद ईरान शांत बैठने वाला नहीं है। अमेरिका ने फोर्डो, नतांज और इस्फहान में परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें बी-2 स्टील्थ बमवर्षक और टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
‘खेबर शेकन’ की खासियत क्या है?
खेबर शेकन मिसाइल का पहली बार वर्ष 2022 में अनावरण किया गया था। यह बैलिस्टिक मिसाइल, आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) मिसाइलों की तीसरी पीढ़ी का हिस्सा है। इस मिसाइल को ईरान ने स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है और इसका संचालन आईआरजीसी एयरोस्पेस डिवीजन द्वारा किया जाता है।
1,450 किलोमीटर की रेंज
यह मिसाइल सतह से सतह पर मार करने में सक्षम है और ठोस ईंधन का उपयोग करती है। इसकी रेंज 1,450 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है। इसे अन्य मिसाइलों की तुलना में अधिक सरलता से लॉन्च किया जा सकता है और यह विभिन्न प्रकार के लॉन्चरों के साथ अनुकूल है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका वजन लगभग 1,500 किलोग्राम है और यह लगभग 4 मीटर लंबी है। मिसाइल की गति वायुमंडल के बाहर 19,500 किमी/घंटा और वायुमंडल के भीतर 9,800 किमी/घंटा तक होती है। खास बात यह है कि इसे लॉन्च करने में केवल 15 मिनट का समय लगता है। इसमें कई अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, हालांकि सभी तकनीकों का खुलासा सार्वजनिक रूप से नहीं किया गया है।