खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों का सीधा असर दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखने को मिल रहा है. सामान्य दिनों में यहां रोजाना 1,200 से ज्यादा एयरक्राफ्ट मूवमेंट्स होती हैं, लेकिन ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई और क्षेत्रीय एयरस्पेस बंद होने से स्थिति पूरी तरह बदल गई है. बीते दिन यानि 2 मार्च को दुबई एयरपोर्ट पर कुल सिर्फ 20 एयरक्राफ्ट मूवमेंट्स दर्ज की गईं - जिसमें 16 टेकऑफ और मात्र 4 लैंडिंग शामिल हैं.

इससे पहले 27 फरवरी को 1,257 मूवमेंट्स थीं, 26 फरवरी को 1,240 मूवमेंट्स थी और 25 फरवरी को 1,236 मूवमेंट्स थीं. पिछले पूरे हफ्ते में कुल 5,654 मूवमेंट्स रिकॉर्ड हुए थे, जिनमें 2,830 टेकऑफ और 2,824 लैंडिंग थीं, लेकिन 2 मार्च को यह संख्या घटकर महज 20 रह गई, जो एक ऐतिहासिक गिरावट है.

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क्यों थमी रफ्तार?

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध के हालातों ने मिडिल ईस्ट के हवाई मार्ग को पूरी तरह से प्रभावित किया है. सुरक्षा कारणों से कई देशों ने अपनी हवाई सीमाएं बंद कर दी हैं, जिसके चलते उड़ानों को या तो रद्द करना पड़ा है या उनके मार्ग बदले गए हैं. दुबई सहित कई एयरपोर्ट प्रभावित हुए, जिससे हजारों उड़ानें रद्द हुईं और लाखों यात्री फंस गए. दुबई एयरपोर्ट को भी कुछ हमलों का सामना करना पड़ा, जिससे ऑपरेशंस पूरी तरह प्रभावित हुए.

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किन उड़ानों को इजाजत मिली?

सीमित एयरस्पेस खुलने के बावजूद सिर्फ कुछ चुनिंदा उड़ानें संचालित हो पाईं. 4 लैंडिंग में शामिल थीं:
मुंबई से एमिरेट्स की EK501 (A380 विमान), सुबह 5:11 बजे लैंड हुई
बाकू से फ्लाईदुबई की FZ968, FZ970 और एक अन्य फ्लाईदुबई उड़ान
टेकऑफ में से एक लीपजिग के लिए शाम 8:41 बजे और चेन्नई के लिए एमिरेट्स की उड़ान शाम 9:25 बजे रवाना हुई. चेन्नई, दिल्ली और बेंगलुरु से दुबई जाने वाली एमिरेट्स उड़ानें वापस अपनी मूल जगह पर डायवर्ट कर दी गईं. सिर्फ मुंबई से EK501 सफलतापूर्वक लैंड हुई, जबकि हैदराबाद से EK525 को रद्द कर दिया गया.