अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खाड़ी पड़ोसियों से माफी मांगने के मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध में लगातार हमलों के बीच ईरान द्वारा दी गई माफी पर 79 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर बयान जारी कर ईरान को मध्य पूर्व का 'धौंसबाज' नहीं, बल्कि 'हारने वाला' करार दिया. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल के भीषण हमलों के कारण ही ईरान को झुकना पड़ा है.

ईरान की माफी को ट्रंप ने बताया अपनी जीत


डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'ईरान, जो नरक की तरह पीटा जा रहा है, ने अपने मध्य पूर्वी पड़ोसियों के सामने माफी मांगी और आत्मसमर्पण कर दिया. उसने वादा किया कि अब वह उन पर गोली नहीं चलाएगा. यह वादा अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के कारण ही किया गया. वे मध्य पूर्व पर कब्जा करना चाहते थे. हजारों वर्षों में पहली बार ईरान को उसके पड़ोसी देशों ने हराया. उन्होंने कहा, 'धन्यवाद राष्ट्रपति ट्रंप.' मैंने कहा, 'स्वागत है!' ईरान अब मध्य पूर्व का 'धौंसबाज' नहीं, बल्कि 'मध्य पूर्व का हारने वाला' है और आने वाले दशकों तक रहेगा, जब तक वह आत्मसमर्पण न कर दे या पूरी तरह ढह न जाए.'

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ईरान पर होगा भारी हमला


राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, 'आज ईरान पर भारी हमला होगा! ईरान के दुर्व्यवहार के कारण अब उन क्षेत्रों और समूहों पर पूर्ण विनाश और निश्चित मौत पर विचार किया जा रहा है, जिन्हें पहले निशाने पर नहीं लिया गया था. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!' ट्रंप का यह बयान अमेरिका-ईरान संघर्ष के दूसरे सप्ताह में आया है, जब क्षेत्रीय तनाव चरम पर है. ईरान ने खाड़ी देशों पर 'लगातार हमलों' के लिए माफी मांगी, जिसे ट्रंप ने अपनी सैन्य रणनीति की जीत बताया.

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विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान घरेलू समर्थन जुटाने और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने का प्रयास है. इधर, इजरायल ने लेबनान में हिज़बुल्लाह ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं, जबकि दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की घटना ने वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं.