स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल से भरे टैंकर में लगी आग, नेवल माइंस से टकराया जहाज, ईरान ने दी चेतावनी
Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव उस वक्त बढ़ गया, जब इस समुद्री रास्ते से गुजर रहा सुपर ऑयल टैंकर नेवल माइंस से टकरा गया और उसमें आग लग गई. ईरान के IRGC ने एक बार फिर इस जलमार्ग से न गुजरने की चेतावनी दी है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ऑयल टैंकर में लगी आग (Photo-X/@PressTV )
Oil Supertanker Catches Fire: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने फिर से दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समुद्री ट्रैफिक के लिए बंद है. ये घटना तब हुई जब 2 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चे तेल से लदा एक सुपरटैंकर इस अहम जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहा था, तभी वो कथित तौर पर एक समुद्री बारूदी सुरंग से टकरा गया और उसमें आग लग गई. इस घटना ने दुनिया के सबसे अहम ऑयल ट्रांजिट रूट में से एक से गुजरने वाले कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.
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ईरान ने होर्मुज से न गुजरने की दी चेतावनी
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने IRGC नौसेना की चेतावनी का हवाला देते हुए बताया कि सभी देशों के जहाजों का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरना बैन है. ईरानी नौसेना बल का जिक्र करते हुए एजेंसी ने बताया, ‘होर्मुज बंद है, और यहां से अलग-अलग देशों के जहाजों का गुजरना मना है.’ IRGC के मुताबिक, टैंकर एक ऐसे रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था जिसे तेहरान ने ऑथराइज नहीं किया था, और इसी दौरान वो एक समुद्री बारूदी सुरंग से टकरा गया. बताया गया है कि इस दौरान जहाज में विस्फोट हुआ और उसमें आग लग गई.
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Oil Tanker explodes in Strait of Hormuz after hitting naval mine: IRGC
IRGC के आधिकारिक मीडिया आउटलेट ‘सेपाह न्यूज’ की तरफ से जारी एक बयान में, ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि सुपरटैंकर ने इस जलमार्ग में दाखिल होने से पहले अपने पोजिशनिंग और रडार सिस्टम को बंद कर दिया था. IRGC का दावा है कि इन सिस्टम्स को बंद करना ईरानी समुद्री अधिकारियों को गुमराह करने और स्ट्रेट से गुजरते वक्त अपनी पहचान छिपाने की एक कोशिश थी. ईरानी अधिकारियों ने ये भी आरोप लगाया कि जहाज अमेरिकी सेना की मदद से वहां से गुजरने की कोशिश कर रहा था.
ये चेतावनी ऐसे वक्त में आई है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की लगातार खबरें आ रही हैं, जिससे इस रीजन में जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं. ये संकरा जलमार्ग ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए एक बेहद अहम कॉरिडोर है, जिसके जरिए इंटरनेशनल मार्केट तक भारी मात्रा में कच्चा तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पहुंचाए जाते हैं. अगर इस सट्रेट से जहाजों की आवाजाही में लंबे समय तक रुकावट रहती है, तो इसका ऑयल ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है.