मिडिल ईस्ट में लेबनान के कारण तनाव बढ़ गया है। क्योंकि लेबनान की राजधानी बेरुत में बमबारी करने का बदला लिया गया है। इजरायल पर दोतरफा हमला किया गया है। ईरान और हिजबुल्लाह ने एक साथ इजरायल पर हमला किया है। ईरान ने जहां मिसाइलें दागी हैं, वहीं हिजबुल्लाह ने ड्रोन अटैक किया है। इस वजह से पूरे इजरायल में अलर्ट जारी करके लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है। ईरान ने इसे लेबनान के समर्थन में किया गया हमला बताया है।
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इजरायल की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
वहीं इजरायली सेना ने हमले नाकाम करने का दावा करते हुए धमकी दी है कि पलटवार करेंगे। प्रधानमंत्री नेतन्याहू का आदेश मिलते ही इजरायल की सेना दमखम के साथ 'दुश्मन' पर जवाबी कार्रवाई करेगी और तबाही मचा देगी। उधर इजरायल की ओर से पलटवार की आशंका से ईरान ने अगले आदेश तक अपना पश्चिमी हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर बात की और उन्हें जवाबी कार्रवाई करने से रोक दिया है।
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सायरन बने और एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव
इजरायली सेना के अनुसार, ईरान की मिसाइलें और हिजबुल्लाह के ड्रोन आसमान में मंडराए तो सायरन बजने लगे। वहीं एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया और उसने अपना काम किया। अलग-अलग शहरों में सायरन की आवाजें गूंजी तो लोगों में भी दहशत फैल गई। ईरान की सेना ने इजरायल के उत्तरी इलाके में 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। लेबनान की राजधानी बेरुत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले के विरोध ने यह दोतरफा हमला इजरायल पर किया गया है।
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हमले के बीच ईरान की ओर जारी हुआ बयान
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसेन रेजाई ने बयान जारी करके हमलों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद लेबनान पर हमला किया गया, लेकिन यह हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। लेबनान के बेरुत शहर में फास्फोरस बमों और प्रतिबंधित हथियारों का इस्तेमाल करके तबाही मचाई गई है। इजरायल ने सभी लक्ष्मण रेखाओं को पार कर दिया है। अब फिर से लेबनान पर हमला हुआ तो इससे बड़ा हमला इजरायल पर किया जाएगा।
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ट्रंप ने नेतन्याहू को जवाबी हमला करने से रोका
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान और हिजबुल्लाह के हमले के बाद इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को फोन किया और उन्हें जवाबी कार्रवाई करने से रोका। उन्होंने कहा कि अब बात आगे न बढ़ाएं, जवाबी हमला न करें। उन्होंने नेतन्याहू को सीधा आदेश दिया कि बदले की कोई कार्रवाई न की जाए। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में ईरान से भी कहा कि बस बहुत हो गया, आपने मिसाइलें दाग दीं, अब बातचीत की टेबल पर वापस आइए और शांति-परमाणु समझौता कीजिए।
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