ईरान ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा भेजी गई 15 सूत्रीय शांति योजना को पूरी तरह खारिज कर दिया है. तेहरान ने इसे 'अत्यधिक' और 'मैदान की हकीकत से दूर' बताते हुए युद्ध समाप्ति के लिए अपनी खुद की 5 शर्तें दुनिया के सामने रखी हैं. पाकिस्तान के माध्यम से भेजे गए अमेरिकी प्रस्ताव में प्रतिबंधों में ढील और नागरिक परमाणु सहयोग के बदले ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बात कही गई थी. लेकिन ईरान ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि "युद्ध तब खत्म होगा जब ईरान चाहेगा, न कि जब ट्रंप तय करेंगे."

ईरान की वो शर्तें, जिन्होंने दुनिया को चौंकाया

ईरानी प्रेस टीवी ने एक वरिष्ठ राजनीतिक-सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान युद्ध तभी समाप्त करेगा, जब वह खुद तय करेगा और अपनी शर्तें पूरी होंगी. अधिकारी ने साफ कहा, 'ईरान युद्ध को अपने फैसले और अपनी शर्तों पर खत्म करेगा', यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान ने अमेरिकी प्रस्ताव को ईरान तक पहुंचाया था.

---विज्ञापन---

'टारगेटेड किलिंग्स' को तुरंत रोकना

ईरान की इन शर्तों में सबसे प्रमुख हमले और 'टारगेटेड किलिंग्स' को तुरंत रोकना है. इसके साथ ही, ईरान ने भविष्य के लिए ठोस गारंटी मांगी है कि उस पर दोबारा कभी युद्ध नहीं थोपा जाएगा. आर्थिक मोर्चे पर ईरान ने स्पष्ट किया है कि युद्ध के कारण उसे जो भी वित्तीय और ढांचागत नुकसान हुआ है, उसकी पूर्ण क्षतिपूर्ति सुनिश्चित की जाए. केवल इतना ही नहीं, ईरान चाहता है कि युद्ध केवल उसकी सीमाओं तक ही नहीं, बल्कि उसके सभी 'प्रॉक्सिस' और क्षेत्रीय मोर्चों पर भी खत्म होना चाहिए.

---विज्ञापन---

होर्मुज स्ट्रेट पर मिले आधिकारिक मान्यता

सबसे चौंकाने वाली और रणनीतिक शर्त होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है. ईरान ने मांग की है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर उसकी संप्रभुता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधिकारिक मान्यता दी जाए. इन शर्तों पर पश्चिमी देशों और इजरायल की प्रतिक्रिया बेहद अहम होगी, क्योंकि इसमें से कई शर्तें ऐसी हैं जिन्हें स्वीकार करना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती हो सकता है.