Iran Stops Attack on Neighbours: ईरान ने मिडिल ईस्ट में शांति की दिशा में पहला कदम उठा दिया है। ईरान ने अपने पड़ोसियों से माफी मांगी है और हमला नहीं करने का ऐलान किया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि हम अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हैं और अब हमला नहीं करेंगे, लेकिन इस ऐलान से दुश्मन यह न समझे कि ईरान घुटने टेक रहा है और सरेंडर कर देगा।
क्षेत्रीय तनाव को कम करना मकसद
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने देश की अंतरिम सरकार के एक महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की कि ईरान अब पड़ोसी देशों के खिलाफ मिसाइल हमले नहीं करेगा। ऐसा तब तक नहीं होगा, जब तक उन देशों से ईरान पर हमला नहीं होता। तेहरान की कोशिश सिर्फ अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुए क्षेत्रीय तनाव को कम करना है, न कि दुश्मन के आगे हथियार डालने की पहल है।
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ईरान 13 देशों में मचा चुका तबाही
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। मिडिल ईस्ट में अरब देशों में बने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं। क्योंकि ईरान सीधे अमेरिका पर तो हमला नहीं कर सकता, इसलिए उसने 13 अरब देशों में अमेरिका के मिलिट्री बेस को टारगेट किया। ईरान ने इजरायल के अलावा UAE, कतर, बहरीन, जॉर्डन, इराक, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब, साइप्रस, सीरिया, तुर्किए और अजरबैजान में अटैक किए।
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ईरान को ट्रंप की आखिरी चेतावनी
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को आखिरी चेतावनी दे चुके हैं। उनका कहा है कि अब ईरान बिना शर्त के सरेंडर करे तो ही उसके साथ कोई समझौता होगा। नहीं तो अमेरिका हमले करके ईरान की ऐसी हालत कर देगा कि उसे फिर से खड़ा होने में सालों लग जाएंगे। ईरान का अगला नेता भी अमेरिका की चॉइस का होगा। ईरान का अगला नेता उसे बनाया जाएगा जो अमेरिका के साथ मिलकर काम करेगा। न कि खामेनेई की तरह तानाशाही रवैया अपनाएगा।