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'गल्फ का कोई पोर्ट नहीं रहेगा सेफ…', US की नाकेबंदी से पहले ईरान की बड़ी चेतावनी

Iran America Tension: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उसके खाड़ी क्षेत्र के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी शुरू कर दी है. ईरान ने इसके खिलाफ चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर उसके अपने बंदरगाहों को खतरा होता है तो फारस की खाड़ी या ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा.

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Credit: News24

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है. अमेरिका ने ईरान के खाड़ी इलाके के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) लागू करने का ऐलान कर दिया है. अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों में एंट्री करने या बाहर निकलने वाले जहाजों को रोकने की घोषणा की है. ये कदम सीजफायर वार्ता के फेल होने के बाद तेहरान पर दबाव बढ़ाने के मकसद से उठाया गया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके अपने बंदरगाहों को खतरा होता है तो फारस की खाड़ी या ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा.

ये भी पढ़ें: क्या 5 साल तक चलेगा अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध? इस्लामाबाद बैठक के बाद ईरान का बड़ा बयान

ईरान ने क्या कहा?

ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा साझा होनी चाहिए. उन्होंने ऐलान किया कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में सुरक्षा या तो सभी के लिए है या किसी के लिए नहीं और क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा. इस ऐलान से क्षेत्र में समुद्री आवागमन पहले ही बाधित हो चुका है. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही, जो युद्धविराम के बाद आंशिक रूप से फिर से शुरू हुआ था, काफी धीमा हो गया है. युद्धविराम के बाद से करीब 40 कमर्शियल जहाज ही गुजर रहे हैं, जबकि युद्ध से पहले रोजाना 100-135 जहाज गुजरते थे.

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वार्ता फेल होने के बाद बढ़ा खतरा?

ये कदम पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान की उच्चस्तरीय वार्ता के बाद उठाया गया है, जो बिना किसी समझौते के खत्म हो गई. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी प्रतिबद्धताओं समेत अमेरिकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद वार्ता रुक गई. ईरान ने बदले में अमेरिकी-इजरायली हमलों से हुए नुकसान के लिए मुआवजे और अपनी जब्त संपत्तियों की रिहाई की मांग की. ईरानी अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की कड़ी चेतावनी जारी की. संसद अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ ने कहा-‘अगर आप लड़ेंगे, तो हम लड़ेंगे’ जबकि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के कंट्रोल में है और गैर-सैन्य जहाजों के लिए खुला है, लेकिन चेतावनी दी कि मिलिट्री जहाजों को जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ेगी सीजफायर की अवधि? राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रखी नई शर्त

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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