9/11 हमलों की 25वीं बरसी पर अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने एक खुफिया रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अलकायदा और ओसामा बिन लादेन को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं. 100 से ज्यादा पेजों वाले डॉक्यूमेंट के अनुसार, 9 सितंबर 2011 को अमेरिका में ट्विन टॉवर्स पर हमला करने से पहले अलकायदा और ओसामा बिन लादेन के निशाने पर भारत था. अलकायदा और लादेन ने अमेरिका से पहले भारत पर आतंकी हमला करने की साजिश रची थी, लेकिन पहले अमेरिका पर हमला किया, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने लादेन को मार गिराया.

1988 में CIA ने बनाई थी 100 पेजों की रिपोर्ट

सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के लिए एक रिपोर्ट तैयार की थी, जो अब जारी की गई है. 28 अगस्त 1998 को फाइनल हुई इस रिपोर्ट का शीर्षक 'Bin Laden terrorist network still a threat' था. इसमें उन सभी देशों के नामों का जिक्र किया गया है, जहां लादेन ने आतंकी हमला करने की साजिश रची हुई थी और वे देश अलकायदा की टॉप लिस्ट में थे. रिपोर्ट के अनुसार, ओसामा बिन लादेन भारत, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, यमन, पाकिस्तान, युगांडा और नाइजीरिया में आतंकी हमले करना चाहता था.

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ब्रिटेन भी था ओसामा बिन लादेन का निशाना

रिपोर्ट के अनुसार, ओसामा बिन लादेन के निशाने पर अमेरिका के साथ ब्रिटेन भी था. हालांकि ब्रिटेन में टारगेट फाइनल नहीं हुए थे, लेकिन अलकायदा ने दुनियाभर के 60 देशों में मौजूद अपने लोगों और सहयोगी नेटवर्क को ब्रिटेन पर आतंकी हमले की प्लानिंग करने के निर्देश दिए थे. अमेरिकन पुलिस और सेना के अधिकारियों ने तिराना और बाकू में आतंकी हमले की तैयारी कर रहे लादेन के गुर्गों को गिरफ्तार कराया था. नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और पूर्वी एशिया में ओसामा बिन लादेन ने अलकायदा का प्रसार किया था और वह अमेरिका का सबसे बड़ा विरोधी था.

अलकायदा के ठिकानों पर अमेरिका का हमला

CIA की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के मिसाइल अटैक में ओसामा बिन लादेन और अन्य आतंकी नेता बच गए थे. अगस्त 1998 में अफगानिस्तान और सूडान में अलकायदा के ठिकानों पर अमेरिका ने मिसाइल अटैक किए थे, क्योंकि उस समय अलकायदा ने केन्या और तंजानिया में अमेरिका के दूतावासों में बम धमाके किए थे. CIA के नए दस्तावेजों में 9/11 हमले से 3 साल पहले अलकायदा और लादेन के नेटवर्क तक अमेरिका की पहुंच और भारत निशाना होने के सबूत मिले, लेकिन भारत में आतंकी हमले की साजिश या लक्ष्य के सबूत नहीं मिले.

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9/11 हमलों में करीब 3,000 लोगों की मौत

CIA के दस्तावेज सामने आने के तीन साल बाद, 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने अमेरिका में चार यात्री विमानों का अपहरण कर लिया. दो विमान न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराए, जिससे दोनों गगनचुंबी इमारतें ढह गईं. तीसरा विमान वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में पेंटागन से टकराया. चौथा विमान, यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 93, यात्रियों द्वारा अपहरणकर्ताओं का मुकाबला किए जाने के बाद पेंसिल्वेनिया के एक मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. माना जाता है कि इसका लक्ष्य वॉशिंगटन में कोई प्रमुख स्थान था, संभवतः व्हाइट हाउस या अमेरिकी कैपिटल.

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इन हमलों में 19 अपहरणकर्ताओं समेत करीब 3,000 लोग मारे गए. 9/11 के हमलों के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला किया, जहां तालिबान ने ओसामा बिन लादेन और अल-कायदा के अन्य नेताओं को काम करने की अनुमति दी थी. ओसामा बिन लादेन की 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में एक परिसर पर अमेरिकी हेलीकॉप्टर हमले में मौत हो गई थी. यह स्थान इस्लामाबाद से करीब 60 किलोमीटर दूर था. उसकी मौत के साथ 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड की करीब एक दशक से चली आ रही तलाश खत्म हुई.

किसी टागरेट का मेंशन नहीं

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