अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता करने के काफी करीब हैं और यह समझौता पहले किए गए समझौतों से काफी अलग होगा. ट्रंप ने मंगलवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता करने के काफी करीब पहुंच गए हैं. ट्रंप ने इस संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘वे (भारत) समझौता करना चाहते हैं. हम समझौता करेंगे. हां, हम इसके काफी करीब हैं. यह समझौता अब तक किए गए हमारे समझौतों से काफी अलग होगा.’
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने की शुरुआत में व्यापार समझौते की बारीकियों पर चर्चा करने के लिए मिल्वॉकी और वाशिंगटन में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की थी.
भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिए जाने की फरवरी में घोषणा की थी. हालांकि, अमेरिका में शुल्क संबंधी नीतियों में बदलाव के कारण इस समझौते पर आगे भी बातचीत करनी पड़ी.
मुंबई में मार्को रुबियो
भारत यात्रा पर मुंबई पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस बात की पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच लगभग 99 फीसदी काम पूरा हो चुका है. रुबियो ने कहा, ‘हम एक हस्ताक्षरित समझौते के जितना करीब हो सकते हैं, इस वक्त हम उतने ही करीब हैं. अब केवल कुछ चुनिंदा शब्दों, वाक्यों और तकनीकी मुद्दों को सुलझाना बाकी रह गया है, जो बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा.’
विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ वार्ता और 26/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि देने के बाद रुबियो ने साफ किया कि भारत के साथ मजबूत आर्थिक और ऊर्जा संबंध अमेरिकी विदेश नीति की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने प्रतिबंधों और टैरिफ नीतियों में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है, जिससे व्यापार समझौते का रास्ता आसान हुआ है.