Operation Sindoor: भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है। हालांकि, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ का बयान सामने आया कि उनका देश भारत से बात करने के लिए तैयार है, वह शांति चाहते हैं। इसी बीच एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ हाई रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि भारत के हमले में पाकिस्तान के मुरीदके एयरबेस को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है।

तीन मीटर चौड़ा गड्ढा बना

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के मुरीदके एयरबेस को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें 30 मीटर की दूरी पर तीन मीटर चौड़ा गड्ढा बन गया है। साथ ही मानव रहित हवाई वाहन हैंगर (Unmanned Aerial Vehicle Hangars) से सटे ढांचे को भी हुआ नुकसान पहुंचा है। इन सैटेलाइट तस्वीरों को NDTV ने जारी किया है। बता दें कि मुरीदके एयरबेस पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में चकवाल जिले में बना है। यह जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा से केवल 150 किलोमीटर दूर है। ये भी पढ़ें: एलन मस्क के सबसे ताकतवर रॉकेट स्‍टारशिप की 9वीं टेस्‍ट फ्लाइट सफलतापूर्वक लॉन्‍च, चंद मिनटों बाद हुई क्रैश

दोहरी बाउंड्री के बीच सुरक्षित एयरबेस

भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य टकराव में भारतीय शस्त्र बलों को जीत मिली। रिपोर्ट में इंटेल लैब से जुड़े खुफिया शोधकर्ता डेमियन साइमन का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया कि 'यह हमला मुरीद एयरबेस के अंदर सबसे सुरक्षित परिसर है। यह परिसर दोहरी बाउंड्री, खुद के निगरानी टावरों और प्रवेश नियंत्रण से भी पूरी तरह से सेफ है। एंट्रेंस डोर से पता चलता है कि यह जगह खास उपकरणों के भंडारण और कर्मियों के लिए ऑपरेशन शेल्टर के तौर पर काम करती है। यह बमबारी को झेलने में भी सक्षम है। बता दें कि सैन्य और बुनियादी ढांचे के विकास की निगरानी के लिए सैटेलाइट तस्वीरों का एनालिसिस के लिए डेमियन साइमन मशहूर हैं।

तस्वीरों में क्या दिख रहा है?

रिपोर्ट के मुताबिक, 16 अप्रैल की एक तस्वीर में पाकिस्तान के फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस मुरीदके की इमारत को बिना किसी नुकसान के दिखाया गया है। वहीं, 10 मई को हमले के बाद की दूसरी तस्वीर में इमारत को हुए नुकसान को देखा जा सकता है। डेमियन साइमन का कहना है कि 'छत का एक हिस्सा अंदर की ओर गिर गया है और बाहरी दीवारों पर भी नुकसान को देखा जा सकता है। ये भी पढ़ें: यूनुस के प्लान के खिलाफ बांग्लादेश की सेना बगावत पर उतरी, म्यांमार कॉरिडोर योजना का विरोध