US Attacks Indian Ships: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ओमान के तट के पास भारतीय जहाजों और नाविकों पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए जानलेवा हमलों ने भारत को झकझोर कर रख दिया है. अमेरिकी सेना के एक हमले में 'एमटी सेट्टेबेलो' (MT Settebello) नामक जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और मुख्य इंजीनियर पटनाला सुरेश के रूप में हुई है. अमेरिकी सेना का आरोप था कि जहाज ने निर्देशों का पालन नहीं किया और वह ईरान से तेल ले जा रहा था.
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इस दर्दनाक घटना पर भारत सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी (CDA) को तलब कर इस कायराना हमले के खिलाफ अपना "कड़ा विरोध" दर्ज कराया है.
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गुरुवार को विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दो टूक शब्दों में कहा, "पिछले कुछ दिनों में मिडिल ईस्ट में भारतीय नाविकों से जुड़ी कई घटनाएं हुई हैं. हम अपने नाविक समुदाय की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हैं. ओमान के तट पर हुए हमले में हमारे तीन नागरिकों की जान चली गई, जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं. हमने अमेरिका से कहा है कि वह हमारे विरोध को गंभीरता से ले. क्षेत्र में जहाजों पर लगातार हो रहे ये हमले बेहद चिंताजनक हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए." भारत ने इस दौरान शांति बहाली के लिए अमेरिका को युद्ध छोड़कर बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की नसीहत भी दी.
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शिपिंग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 8 जून से अब तक भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों—मैरिवेक्स, एमटी सेट्टेबेलो और एमटी जलवीर को निशाना बनाया जा चुका है. गनीमत यह रही कि बाकी दो हमलों में सभी भारतीय सुरक्षित बचा लिए गए. इस समय होर्मुज समुद्री मार्ग में भारत के 13 जहाज मौजूद हैं, जिनमें 562 भारतीय नाविकों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है. केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी इस नुकसान को दुखद बताते हुए नाविकों की सुरक्षा बढ़ाने की बात कही है.
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