एक तरफ मिडिल ईस्ट में हाहाकार मचा हुआ है और वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल चल रही है. वहीं, दूसरी ओर भारत ने कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चों पर एक बड़ा कदम उठाया है. एक ओर जहां भू-राजनीतिक संकट ने बाजारों को झकझोर दिया है. वहीं, भारत और कनाडा के बीच ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक खनिजों को लेकर ऐतिहासिक समझौते हुए हैं.
वहीं, इस दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए देशवासियों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया है.
सोमवार को वेस्ट एशिया में टकराव बढ़ने पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा, ‘भारत ने ग्लोबल टकरावों को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत और डिप्लोमेसी की वकालत की है और मौजूदा हालात पर चिंता जताई.’
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ एक जॉइंट प्रेस मीट को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा, ‘वेस्ट एशिया में मौजूदा घटनाक्रम भारत के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है.’
पश्चिम एशिया संकट पर पीएम का कड़ा संदेश
कनाडाई प्रधानमंत्री कार्नी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद, पीएम मोदी ने साफ किया कि ‘मानवता की भलाई भारत और कनाडा का साझा दृष्टिकोण है.’ वैश्विक अस्थिरता का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, ‘भारत विश्व में शांति और स्थिरता चाहता है.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति भारत के लिए गहरी चिंता का विषय है और देश बातचीत के जरिए सभी मुद्दों के समाधान का पक्षधर है. युद्ध के बढ़ते जोखिम के बीच प्रधानमंत्री ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
भारत-कनाडा के बीच ऐतिहासिक आर्थिक और ऊर्जा समझौते
भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा करने के लिए भारत ने कनाडा के साथ अपनी रणनीतिक भागीदारी को मजबूत किया है. दोनों देशों के बीच हुए प्रमुख समझौते इस प्रकार हैं:
यूरेनियम और परमाणु सहयोग: कनाडाई पीएम कार्नी के साथ वार्ता के बाद पीएम मोदी ने बताया कि भारत और कनाडा ने यूरेनियम पर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके अलावा, नागरिक परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाते हुए दोनों देश छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर एक साथ मिलकर काम करेंगे.
क्रिटिकल मिनरल्स: भविष्य की तकनीकी और औद्योगिक आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित करने के लिए, भारत और कनाडा ने महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में सहयोग के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
भारत की बड़ी विदेश नीति के रुख को दोहराते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्लोबल तनाव के बीच भारत हमेशा शांति की वकालत करने में साफ रहा है. उन्होंने कहा, ‘दुनिया भर में तनाव पर भारत का रुख हमेशा साफ रहा है. भारत ने लगातार शांति और स्थिरता की वकालत की है, और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की मांग और मजबूत हो जाती है.’
PM मोदी ने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार हालात पर करीब से नजर रख रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए इलाके के देशों के संपर्क में है. उन्होंने कहा, ‘हम इलाके में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पक्का करने के लिए हर देश के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.’
उनकी यह बात रविवार को ईरान पर US-इजरायल के जॉइंट मिलिट्री हमलों के बाद आई है, जिसमें देश के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार की मौत हो गई थी.
हमलों के बाद, ईरान ने इस्लामिक रिपब्लिक की जवाबी कार्रवाई के तौर पर, इलाके के कई अरब देशों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल करके हमलों की एक लहर शुरू कर दी.
PM मोदी ने की कनाडा के साथ रिश्तों की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री मार्क जे कार्नी के नेतृत्व में कनाडा के साथ बढ़ते रिश्तों की तारीफ की और कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक USD 50 बिलियन के ट्रेड को छूने के लक्ष्य के साथ अपने आर्थिक सहयोग को और गहरा करना है. इस बारे में उन्होंने आगे बताया कि ओटावा और भारत ने जल्द ही एक कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट को फाइनल करने का फैसला किया है.
उन्होंने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में कनाडा के PM मार्क कार्नी के साथ जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट के दौरान यह बात कही.
PM मोदी ने कहा, ‘आज, हमने इस विज़न को अगले लेवल की पार्टनरशिप में बदलने पर चर्चा की. हमारा लक्ष्य 2030 तक $50 बिलियन के ट्रेड तक पहुंचना है. इकोनॉमिक सहयोग की पूरी क्षमता को अनलॉक करना हमारी प्राथमिकता है. इसलिए, हमने जल्द ही एक कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट को फ़ाइनल करने का फ़ैसला किया है.’
उन्होंने बताया कि इस फैसले से दोनों देशों में नए इन्वेस्टमेंट और नौकरी के मौके खुलेंगे.
कैनेडियन पेंशन फंड्स ने भारत में इन्वेस्ट किए $100 बिलियन
PM मोदी ने कहा, ‘कैनेडियन पेंशन फंड्स ने भारत में $100 बिलियन इन्वेस्ट किए हैं. यह भारत की ग्रोथ स्टोरी में उनके गहरे भरोसे का प्रतीक है.’
उन्होंने कहा कि बाद में दिन में लीडर्स बिजनेस कम्युनिटी के सदस्यों से भी मिलेंगे, जिनके सुझाव दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग का रोडमैप बनाने में मदद करेंगे.
PM मोदी ने कार्नी के भारत दौरे को एक अहम पड़ाव बताया. उन्होंने पिछले साल कनाडा में G7 मीटिंग के दौरान उनके साथ हुई अच्छी मुलाकात को याद किया और दोनों देशों की सेंट्रल बैंकिंग लीडरशिप में उनके रोल के लिए कार्नी की तारीफ भी की.
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