'मैं PoK का प्रधानमंत्री बनना चाहता हूं', नवाज शरीफ ने क्यों जताई ये इच्छा, गुलाम जम्मू-कश्मीर में कब होंगे चुनाव‌?‌

Nawaz Sharif: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने एक इच्छा जताई है, जिसे लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है. कोई उनकी इच्छा का मजाक उड़ा रहा है तो कोई इसे PoK को बर्बाद करने की साजिश बता रहा है.

Nawaz Sharif

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ.

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आजकल तनाव फैला है. शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों का हिंसक तरीके से दमन किया, जिसमें कई लोगों की जान चली गई. विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के मद्देनजर पाकिस्तान सरकार ने PoK में चुनाव कराने का ऐलान किया और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने PoK का प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जताई है, जिसकी चर्चा पूरे देश और दुनिया में हो रही है.

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रैली में प्रधानमंत्री बनने की इच्छा के बारे में बताया

पाकिस्तान मुस्लिम लीग के प्रमुख नवाज शरीफ ने मुजफ्फराबाद में आयोजित रैली में कहा कि अगर गुलाम कश्मीर (PoK) के चुनाव में उनकी पार्टी जीत जाती है तो वे प्रधानमंत्री बनना चाहेंगे. उनके इस बयान पर रैली में मौजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर तालियां बजाईं और उनकी इच्छा पूरी होने की दुआएं मांगी. नवाज शरीफ ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने पर उन्हें PoK में विकास कार्य करने ओर उनकी देखरेख में मदद मिलेगी. वे पाकिस्तान की तरह ही गुलाम कश्मीर का विकास करना चाहते हैं.

गुलाम कश्मीर को पंजाब के बाद दूसरा घर बताया

नवाज शरीफ ने कहा कि पंजाब की तरह उन्हें गुलाम कश्मीर भी बेहद प्रिय है, क्योंकि यह उनका दूसरा घर हैं, उनके पूर्वज कश्मीर से ही आए थे. अगर मेरी पार्टी चुनाव जीत जाती है तो मैं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से कहूंगा कि वे मुझे गुलाम जम्मू कश्मीर का प्रधानमंत्री बना दें. अगर प्रधानमंत्री नहीं भी बना तो केंद्र सरकार ने वहां घोषणा-पत्र को लागू कराऊंगा. चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग का मुकाबला पाकिस्तान पीपल्स पार्टी से होगा, जो केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन का सहयोगी दल है.

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गुलाम कश्मीर में 27 जुलाई 2026 को होगी वोटिंग

पाकिस्तान की सरकार PoK में भारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच चुनाव करा रही है. चुनाव आयोग 27 जुलाई को PoK में वोटिंग कराएगा. जबकि जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुवाई में 9 जून से PoK में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और इन विरोध प्रदर्शनों का मुद्दा शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटें हैं. JAAC को पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने बैन तक कर दिया है, लेकिन विरोध को दबाने में नाकाम रही. मंहगाई समेत कई मुद्दों पर पाकिस्तानी सरकार और सेना घिरी हुई है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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