ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की अब आधिकारिक पुष्टि हो गई है. सरकारी प्रेस टीवी और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हवाई हमले में खामेनेई मारे गए हैं. यह हमला उस वक्त हुआ जब 86 साल के खामेनेई एक गुप्त और सुरक्षित स्थान पर अपने दो सबसे वफादार करीबियों के साथ बैठक कर रहे थे. सूत्रों का कहना है कि वे सुरक्षा परिषद के सलाहकार अली शमखानी और आईआरजीसी प्रमुख मोहम्मद पाकपूर से मुलाकात कर रहे थे. खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया एजेंसियां लंबे समय से अली शमखानी का पीछा कर रही थीं और जैसे ही वे खामेनेई से मिलने पहुंचे, इस भीषण हमले को अंजाम दिया गया.
डोनाल्ड ट्रंप को दिखाया गया शव
इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन की सफलता के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सबसे पहले खामेनेई को मार गिराने की घोषणा की. इसके तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस खबर की पुष्टि की. अमेरिकी मीडिया स्पेक्ट्रम इंडेक्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप को सार्वजनिक घोषणा करने से पहले खामेनेई का शव दिखाया गया था. इस पूरे ऑपरेशन को तेहरान के भीतर एक सुरक्षित बंकर नुमा जगह पर बहुत ही गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया. इस हमले ने पूरे ईरान प्रशासन को हिलाकर रख दिया है क्योंकि इससे पहले जून 2025 में भी अली शमखानी पर हमला हुआ था, लेकिन तब वे बच गए थे. इस बार शमखानी की गतिविधियों ने ही अमेरिका और इजरायल को खामेनेई के ठिकाने तक पहुंचा दिया.
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ईरान का भावुक संदेश
ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनकी तुलना ऐतिहासिक कर्बला के शहीद इमाम हुसैन से की है. फारस न्यूज एजेंसी ने अपने लेख में लिखा है कि खामेनेई हजरत अली की तरह जिए और इमाम हुसैन की तरह शहीद हुए. उन्होंने जीवन भर अमेरिका के सामने झुकने से इनकार किया और अंत में रमजान के पवित्र महीने में दुश्मनों के हाथों मारे गए. ईरान की सरकारी मीडिया ने एक और दिल दहला देने वाला दावा किया है कि इस हमले में केवल खामेनेई ही नहीं, बल्कि उनकी बेटी, दामाद और पोते-पोतियों की भी जान चली गई है. ईरान की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वे इस शहादत का बदला जरूर लेंगे और अमेरिका को इसका अंजाम भुगतना होगा.
मध्य पूर्व में महायुद्ध का खतरा
खामेनेई के जाने के बाद ईरान में भारी रोष और मातम का माहौल है. ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस हमले पर चुप नहीं बैठेगा और अमेरिका से इसका हिसाब चुकता करेगा. प्रेस टीवी की एंकर लाइव शो के दौरान भावुक होकर रो पड़ीं और उन्होंने कसम खाई कि खामेनेई के खून के हर कतरे का बदला लिया जाएगा. इस घटना ने पूरे मध्य पूर्व को एक भीषण युद्ध की आग में झोंक दिया है. जानकारों का मानना है कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान की नई लीडरशिप, जिसमें अहमद वाहिदी जैसे नाम शामिल हैं, अब और भी ज्यादा आक्रामक रुख अपना सकती है. आने वाले दिनों में अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर बड़े पलटवार की आशंका जताई जा रही है.