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51.8 डिग्री तापमान और...गर्मी से मौत के भयावह आंकड़े; 550 हज यात्रियों की गई जान

Hajj Pilgrims Death Report: भीषण गर्मी से हज यात्रियों की मौत होने के आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं और गर्मी की भयावह स्थिति उजागर कर रहे हैं। वहीं इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत ही नहीं, पूरी दुनिया भीषण गर्मी से जूझ रही है।

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हज यात्रा पर इस साल करीब 20 लाख लोग पहुंचे।

Mecca Madina 51 Degree Temperature: साल 2024 में पड़ रही गर्मी लोगों के लिए बुरी याद बनती जा रही है। न सिर्फ भारत में, बल्कि पूरी दुनिया में भीषण गर्मी पड़ रही है और जानलेवा बन रही है। भारत में जहां हीटवेव से लोग दम तोड़ रहे हैं, वहीं हज यात्रियों के लिए भी गर्मी किसी बुरे सपने से कम नहीं है। इस साल करीब 550 हज यात्रियों की मौत हुई है और इसका कारण गर्मी, हीटवेव, हीटस्ट्रोक और गर्मी के कारण होने वाली बीमारियां हैं।

AFP की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि मक्का की सबसे बड़ी मोर्चरी अल-मुआइसेम 500 से ज्यादा हज यात्रियों के शव हैं। सऊदी राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के रिकॉर्ड के मुताबिक, सोमवार को मक्का की ग्रैंड मस्जिद में तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस (125 फारेनहाइट) तक पहुंच गया। वहीं रिपोर्ट में बताए गए मरने वालों से जुड़े आंकड़े गर्मी की भयावह स्थिति उजागर रहे हैं, जिनसे अंदाजा लगा सकते हैं कि भारत ही नहीं पूरी दुनिया गर्मी से जूझ रही।

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इन देशों के यात्री मृतकों में शामिल

AFP की रिपोर्ट के अनुसार, माउंट अराफात पर हुई प्रार्थनाओं सहित कई हज अनुष्ठानों के कारण दिन के समय घंटों हज यात्रियों को बाहर रहना पड़ता है, जिस कारण गर्मी से बचना संभव नहीं हो रहा। मरने वाले 550 हज यात्रियों में 323 मिस्र के नागरिक थे। 60 जॉर्डनवासी भी मारे गए हैं। इंडोनेशिया, ईरान और सेनेगल के यात्री भी मृतकों में शामिल हैं। अधिकांश देशों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि कितनी मौतें गर्मी से संबंधित थीं।

पिछले वर्ष 2023 विभिन्न देशों द्वारा 240 तीर्थयात्रियों की मौत हुई थी। वहीं सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष लगभग 1.8 मिलियन तीर्थयात्रियों ने हज में भाग लिया, जिनमें से 1.6 मिलियन विदेशी थे। पिछले वर्ष प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण, जिस क्षेत्र में अनुष्ठान किए जाते हैं, वहां का तापमान प्रत्येक दशक में 0.4 डिग्री सेल्सियस (0.72 डिग्री फारेनहाइट) बढ़ रहा है।

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मुसलमानों के 5 पवित्र स्तंभों में से एक मक्का मदीना

AFP की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब सरकार ने तीर्थ यात्रियों को गर्मी से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करने करने की सलाह दी है। खूब पानी पीने और दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने को कहा है। स्वयंसेवक कोल्ड ड्रिंक और जल्दी पिघलने वाली चॉकलेट आइसक्रीम हज यात्रियों में बांट रहे हैं। बता दें कि हज यात्रा मुसलमानों के लिए तीर्थ यात्रा है। हर साल लाखों लोग इस तीर्थ यात्रा पर निकलते हैं। सऊदी अरब में बना मक्का मदीना तीर्थ स्थल इस्लाम के 4 पवित्र स्तंभों में से एक है। मुस्लिम समुदाय के लोग अपने जीवन में इस यात्रा को पूरा करने का हरसंभव प्रयास करते हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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