खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध जैसे हालात ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई को खतरे में डाल दिया है. संकट के इस दौर में भारत के पुराने और भरोसेमंद दोस्त रूस ने फिर मदद का हाथ बढ़ाया है. रूस ने साफ कर दिया है कि अगर खाड़ी संकट के कारण भारत की तेल आपूर्ति प्रभावित होती है तो वह भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है जो वैश्विक तेल और गैस व्यापार के बड़े हिस्से को संभालता है. ऐसी स्थिति में ग्लोबल तेल बाजार में हलचल मची हुई है.
होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत की आधी आपूर्ति दांव पर
दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस के लिए ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ पर निर्भर है. ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस रास्ते से होने वाली सप्लाई बाधित होने की आशंका है. भारत अपनी जरूरत का लगभग आधा कच्चा तेल और एलपीजी इसी रास्ते से आयात करता है. ऐसे में सप्लाई रुकने का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब पर पड़ सकता है.
देश में फिलहाल कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार
भारतीय सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में फिलहाल कच्चे तेल और ईंधन का फिल्हाल लगभग 25 दिन का पर्याप्त भंडार है जिससे वह अल्पकालिक झटकों का सामना कर सकता है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत के पास पेट्रोलियम उत्पादों के लिए लगभग 50 दिनों का भंडार है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश अल्पकालिक व्यवधानों से निपटने के लिए तैयार है. वैकल्पिक आयात स्रोत तलाशे जा रहे हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश भर में ईंधन की उपलब्धता पर नजर रखने के लिए 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है. भारत ने होर्मुज पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक चैनल विकसित किए हैं.
रूस का ऑफर: पुराना रिश्ता फिर मजबूत?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने संकेत दिया है कि वह पश्चिम एशियाई देशों से होने वाली संभावित कमी की भरपाई के लिए अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध करा सकता है. खास बात यह है कि भारत ने पहले अमेरिका के साथ एक समझौते के तहत रूसी तेल की खरीद कम करने का संकेत दिया था, लेकिन अब बदले हुए भू-राजनीतिक हालातों और अमेरिकी टैरिफ नीतियों में बदलाव के बाद यह समीकरण फिर से बदल सकते हैं.
ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़ीं
भले ही सप्लाई का संकट तत्काल न हो, लेकिन कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. ईरान संकट के बाद से ब्रेंट क्रूड की कीमतें 10% बढ़कर $80 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो भारत का आयात बिल बढ़ेगा, जिसका असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर देखने को मिल सकता है.
संबंधित खबरें
पाकिस्तान में 4 प्रांतों को बांटने की तैयारी, असीम मुनीर का प्लान चर्चा में
1 hr agoदादा-दादी थे बंधुआ मजदूर, भारत से गए थे अफ्रीका... जानें कौन हैं नवी पिल्लई
2 hrs agoभारतीय मूल की नवनेथेम 'नवी' पिल्लई को मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार
2 hrs agoश्रीलंकाई हिंदू ने इस्लाम को लेकर किया था कमेंट, सऊदी ने सुनाई मौत की सजा
4 hrs agoUS में 13 लोगों को गोलियों से भूनने वाले को सब के सामने मिलेगी मौत की सजा
10 hrs agoअमेरिकी मिडटर्म चुनाव तक ईरान पर नहीं होगा कोई अटैक, ट्रंप ने किया ऐलान
19 hrs agoInfosys, HCL समेत कई भारतीय कंपनियां US के ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड
19 hrs agoफ्लाईदुबई घटना के बाद इजरायल की बढ़ी मुश्किलें, खतरे में वीजा-फ्री सुविधा
23 hrs agoकैनेडियन कवयित्री ऐनी कार्सन को मिलेगा साहित्य का नोबेल पुरस्कार
1 day agoक्या ट्रंप को सचमुच मिल सकता है नोबेल पीस प्राइज? जानिए कितनी है संभावना
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines