CIA Spy Facing Deportation: सीआईए की मदद करने वाला एक जासूस को अमेरिका से देश निकाला झेलने का खतरा पैदा हो गया है. दरअसल कोसोवो में जन्मे एक शखस जिसने कथित तौर संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशंस में यूएस इंटेलिजेंस और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों की मदद करने में कई साल बिताए, अब उनके लिए यूनाइटेड स्टेट्स में रहना मुश्किल हो गया.
क्यों हुई गिरफ्तारी?
CBS न्यूज के मुताबिक, 55 साल के ब्लेरिम स्कोरो को 3 अगस्त 2026 को न्यू जर्सी में एक इमिग्रेशन ऑफिसय में अपने डॉक्यूमेंट्स को रिन्यू कराने के दौरान इमिग्रेशन एंड कस्टम नफोर्समेंट (ICE) की तरफ से हिरासत में लिया गया था. तब से उनके वकीलों ने उन्हें कोसोवो डिपोर्ट किए जाने से रोकने के लिए एक फेडरल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
जासूस का इतिहास
ब्लेरिम स्कोरो साल 1994 में कोसोवो में जारी संघर्ष से बचने के लिए भागकर और शरण मांगकर अमेरिका आया था. बाद में 2000 में उन्हें हेरोइन की तस्करी का दोषी ठहराया गया था. पेन्सिलवेनिया की एक फेडरल जेल में अपनी सजा काटते वक्त, स्कोरो का कहना है कि उनके इस्लामी चरमपंथियों से कनेक्शन बन गए थे. खबरों के मुताबिक, FBI के रिकॉर्ड्स उन्हें एक पोशीदा मुखबिर के तौर पर पहचानते हैं.
9/11 अटैक के बाद, स्कोरो का दावा है कि अमेरिकी अधिकारियों ने खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए उनकी पहुंच का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था. 2002 और 2006 के बीच, उन्होंने कथित तौर पर संदिग्ध आतंकवादी नेटवर्क और कई जांचों से जुड़े शख्स के बारे में जानकारी दी. FBI के दस्तावेजों में उन्हें ओसामा बिन लादेन से जुड़ी एक जांच में मुखबिर के रूप में पहचाना गया है. उनके द्वारा दी गई कुछ खुफिया जानकारी कोभरोसे और कार्रवाई योग्य बताया गया था.
CIA के लिए बना अंडरकवर एजेंट
साल 2007 में कोसोवो वापस भेजे जाने के बाद, स्कोरो का कहना है कि CIA ने उन्हें अल-कायदा से जुड़े नेटवर्क को निशाना बनाने वाले एक अंडरकवर मिशन के लिए तैयार किया था. उनका दावा है कि उनके असाइनमेंट उन्हें सीरिया, लेबनान, जॉर्डन, पाकिस्तान और मिस्र सहित कई देशों में ले गए.
उनके वकीलों का कहना है कि उन्होंने तकरीबन एक दशक तक CIA, FBI और ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के साथ काम किया. स्कोरो 2014 में अमेरिका लौट आया, ये दावा करते हुए कि एक मुखबिर के तौर पर उनकी पहचान जाहिर हो गई थी और कोसोवो में उन पर मर्डर की कोशिश की गई थी जिसमें वो बच गया था.
जब अदालत से मिली सुरक्षा
एक फेडरल जज ने 2022 में फैसला सुनाया था कि स्कोरो को ‘यातना-विरोधी कन्वेंशन’ के तहत कोसोवो नहीं भेजा जा सकता क्योंकि उन्हें टॉर्चर या मौत का संभावित खतरा था. हालांकि, इस फैसले से उन्हें परमानेंट इमिग्रेशन का दर्जा नहीं मिला. उनके वकील अब तर्क देते हैं कि ICE उन्हें न्यायिक मंजूरी के बिना नहीं निकाल सकती. उन्होंने उनकी हाल के हिरासत के तुरंत बाद ‘हेबियस कॉर्पस’ याचिका दायर की. स्कोरो का मामला ट्रंप प्रशासन के तहत इमिग्रेशन से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू किए जाने के बीच सामने आया है.
संबंधित खबरें
जंग के बीच रूस-यूक्रेन एनर्जी सीजफायर पर राजी, ट्रंप का दावा- इसे तोड़ना मत
6 hrs agoजिबूती तट के पास नाव पलटी, 15 बच्चों समेत 109 लोगों की मौत, 116 लापता
9 hrs agoपाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा में गिरी इमरान की PTI सरकार, इमरजेंसी लागू
10 hrs agoचीन के तियानमेन स्क्वायर पर आंदोलन को कैसे कुचला गया? 37 साल बाद खुला राज
14 hrs agoनेपाल में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा, बाढ़ की चेतावनी जारी
18 hrs ago'नॉर्वे में कुछ तो गड़बड़ है', नोबेल प्राइज न मिलने पर छलका ट्रंप का दर्द
20 hrs agoहूती विद्रोहियों का सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हमला, 12 लोगों की मौत
20 hrs ago'प्लीज! आतंरिक मामले में दखल न दें', CJP प्रोटेस्ट पर UN को भारत की दो टूक
20 hrs agoअमेरिका में मास शूटिंग, 2 बच्चों और 1 गर्भवती महिला समेत 9 की मौत
20 hrs ago'जेलेंस्की की जगह नया राष्ट्रपति चुने यूक्रेन', डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines