पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा का निधन हो गया है. रावलपिंडी के मिलिट्री अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। फरवरी 2026 में अपने घर के बाथरूम में फिसलने के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं, वे तब से आईसीयू में थे। बाजवा पाकिस्तान की सेना के उन ताकतवर जनरलों में गिने जाते थे, जिनका देश की राजनीति और सत्ता पर गहरा प्रभाव रहा. उन्होंने नवंबर 2016 से नवंबर 2022 तक करीब 6 साल तक पाकिस्तान के सेना प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दीं. साल 2022 में रिटायर होने के बाद भी कमर जावेद बाजवा अपनी संपत्ति और राजनीतिक बयानों के कारण खबरों में बने रहे. उन पर कार्यकाल के दौरान बेहिसाब संपत्ति बनाने के आरोप भी लगे थे, जिन्हें लेकर पाकिस्तान में काफी राजनीतिक बवाल हुआ था.

विवादों और चर्चाओं में रहा कार्यकाल

जनरल बाजवा का कार्यकाल काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सेना प्रमुख नियुक्त किया था, लेकिन बाद के वर्षों में उनके संबंध इमरान खान सरकार के साथ भी काफी चर्चा में रहे. उन पर आरोप लगा कि उन्होंने इमरान खान को सत्ता में लाने में मदद की और सरकार के पीछे रहकर असली बागडोर संभाली. बाजवा के दौर में ही भारत के साथ 'बालाकोट एयरस्ट्राइक' जैसी बड़ी सैन्य घटनाएं भी हुईं. उनके कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में सेना के दखल को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे.

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पाकिस्तान में शोक की लहर

बाजवा के निधन की खबर के बाद पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य गलियारों में शोक की लहर है. कई बड़े नेताओं और सैन्य अधिकारियों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है. बाजवा को एक ऐसे रणनीतिकार के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने पाकिस्तान की हाइब्रिड राजनीति को एक नया मोड़ दिया था.

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