FIFA World Cup 2026: अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की मेजबानी में खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 से फुटबॉल फैंस के लिए एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है. खेल के इस महाकुंभ को देखने के लिए दुनियाभर से लाखों लोग नॉर्थ अमेरिका पहुंच रहे हैं, लेकिन कड़े इमिग्रेशन नियमों और सुरक्षा जांच के कारण कनाडा ने सुरक्षा कारणों और सख्त इमिग्रेशन नियमों का हवाला देते हुए कई देशों के फैंस के वीजा आवेदन थोक के भाव रद्द कर दिए हैं. कुछ देशों में तो वीजा रिजेक्शन का यह आंकड़ा 80 फीसदी तक पहुंच गया है, जिससे हजारों फैंस का स्टेडियम में बैठकर मैच देखने का सपना टूट गया है.
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इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर वीजा रिजेक्शन
मीडिया रिपोर्ट्स और इंटरनेशनल स्पोर्ट्स प्रेस एसोसिएशन के मुताबिक, वर्ल्ड कप के इतिहास में पहले कभी इतने बड़े पैमाने पर वीजा रिजेक्ट नहीं किए गए थे. चौंकाने वाली बात यह है कि सिर्फ आम दर्शक ही नहीं, बल्कि कई टीमों के खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ, रेफरी और मान्यता प्राप्त पत्रकारों तक को वीजा मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. कनाडाई प्रशासन ने सुरक्षा कारणों और वीजा धोखाधड़ी को रोकने के लिए नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है.
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लिस्ट में कौन से देश हैं सबसे आगे?
वीजा रिजेक्ट होने वाले देशों की सूची में घाना और नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देश सबसे आगे हैं. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, घाना के फुटबॉल फैंस द्वारा किए गए 1,725 से अधिक विजिटर वीजा आवेदनों में से कनाडा ने 11% से भी कम को मंजूरी दी है, यानी करीब 90% आवेदन खारिज कर दिए गए. वहीं, नाइजीरिया से आने वाले आवेदनों में भी लगभग 60% रिजेक्शन रेट देखा गया है. भारत, अल्जीरिया, मोरक्को और ट्यूनीशिया जैसे देशों के फैंस भी इस सख्त नीति का शिकार हुए हैं. इन देशों का वीजा रिजेक्शन रेट 55 से 65 प्रतिशत के बीच रहा है.
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मैक्सिको और अमेरिका के नियमों में ढील, कनाडा में हाहाकार
इस बार वर्ल्ड कप का आयोजन अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा तीनों मिलकर कर रहे हैं. जहां एक ओर अमेरिका और मैक्सिको ने फीफा फैंस के लिए अपनी वीजा प्रक्रियाओं को काफी लचीला और आसान बनाया है, वहीं कनाडा के इस अड़ियल रुख की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रेमियों द्वारा तीखी आलोचना हो रही है. इस फैसले से कनाडा के टूरिज्म सेक्टर को भी करोड़ों डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है.
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आखिर क्यों कड़ा हुआ कनाडा का रुख?
कनाडा के इमिग्रेशन विभाग (IRCC) और सुरक्षा एजेंसियों ने हाल के दिनों में भारत, बांग्लादेश और कई अफ्रीकी देशों को लेकर अपनी जांच सख्त की है. अधिकारियों का मानना है कि खेल आयोजन की आड़ में बड़ी संख्या में लोग फर्जी दस्तावेजों के सहारे देश में अवैध रूप से रुकने या शरण लेने की कोशिश कर सकते हैं. बैंक स्टेटमेंट में गड़बड़ी, अपर्याप्त वित्तीय दस्तावेज, ट्रैवल प्लान में विसंगति और अपने देश से कमजोर आर्थिक संबंध जैसे कारणों की वजह से इन वीजा आवेदनों को धड़ाधड़ रिजेक्ट किया जा रहा है.
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