ईरान और अमेरिका के बीच हालात सुधरे नहीं हैं। हालांकि होर्मुज स्ट्रेट खुलने से बाकी देशों के ट्रेड को बड़ी राहत मिली है। लेकिन अमेरिका अभी भी अपनी पुरानी शर्तों पर अड़ा है। होर्मुज के बाद अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना चाहता है। वहीं ईरान इसमें अमेरिका की दखलनंदाजी नहीं चाहता है। इसी बीच ईरा ने अमेरिका को साफ शब्दों में परमाणु कार्यक्रम पर आंख दिखाई है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ईस्माइल बघाई ने कहा है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम उसकी मिट्टी की तरह पवित्र है और इसे किसी भी हाल में कहीं नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावों के जवाब में कही, जिनमें कहा गया था कि ईरान ने शुल्क माफी या वित्तीय छूट के बदले अपने संवर्धित यूरेनियम को स्थानांतरित करने पर सहमति दी है।
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बघाई ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई लेन‑देन नहीं हुआ है और न ही भविष्य में ऐसा कोई प्रस्ताव गंभीरता से विचाराधीन है, क्योंकि यूरेनियम संवर्धन को ईरान राष्ट्रीय संप्रभुता का मुद्दा मानता है।
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इसके अलावा ट्रंप ने चीन पर बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से बहुत प्रसन्न हैं। चीन में हमारी मुलाकात विशेष और संभवतः ऐतिहासिक होगी। मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ रहने के लिए उत्सुक हूं - बहुत कुछ हासिल किया जाएगा।
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इधर, ट्रंप का कहना है कि अगर बुधवार को युद्धविराम समाप्त होने तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे नाकाबंदी जारी रखते हुए बमबारी फिर से शुरू कर सकते हैं। कहा कि हो सकता है मैं इसे आगे न बढ़ाऊं, तो नाकाबंदी जारी रहेगी और दुर्भाग्य से, हमें फिर से बमबारी शुरू करनी पड़ेगी।
यूरेनियम के बारे में कहा कि हम ईरान के साथ मिलकर इस पर कार्रवाई करेंगे और इसे संयुक्त रूप से वापस लेंगे। इसका 100% हिस्सा अमेरिका को वापस मिलेगा। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो हमें यह कहीं अधिक शत्रुतापूर्ण रूप में प्राप्त होगा।