ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 की नई रिपोर्ट में पाकिस्तान को दुनिया का सबसे ज्यादा आतंकवाद से प्रभावित देश बताया गया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश में आतंकी हमलों और मौतों की संख्या तेजी से बढ़ी है और ये आंकड़ा साल 2013 के बाद सबसे ज्यादा हो गया है. रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 में पाकिस्तान में 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत आतंकवादी घटनाओं में हुई. इसके अलावा, पूरे साल में 1,000 से ज्यादा हमले भी हुए. इन हमलों में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए, जिससे देश की सुरक्षा स्थिति काफी खराब नजर आती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद के पीछे कई आतंकी संगठन जिम्मेदार हैं. इनमें सबसे बड़ा नाम तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मौतों में से आधे से ज्यादा मौतें इसी संगठन के हमलों में हुई हैं.

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क्या कहती है रिपोर्ट?

163 देशों में आतंकवाद के असर का आकलन करने वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के अपने पड़ोसी देशों, खासतौर से अफगानिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंधों के साथ-साथ प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर दिए हैं. रिपोर्ट से पता चलता है कि पाकिस्तान में आतंकवाद से होने वाली मौतें 2013 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर हैं. 2025 में देश में 1,139 आतंकवादी मौतें और 1,045 घटनाएं दर्ज की गईं. टीटीपी ने देश के भीतर सबसे घातक आतंकवादी ग्रुप और ग्लोबल लेवल पर तीसरे नंबर पर स्थिति मजबूत कर ली है.

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कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित?

पाकिस्तान के कुछ इलाके आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सबसे ज्यादा हमले और मौतें दर्ज की गई हैं. इन इलाकों में लंबे समय से हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है. दिलचस्प बात ये है कि दुनिया के कई देशों में आतंकवाद कम हो रहा है, जिनमें से एक भारत भी है. लेकिन पाकिस्तान में स्थिति उल्टी है. यहां हमले और मौतें दोनों बढ़ रही हैं. ये स्थिति पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय बन गई है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं. अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो आतंकवाद और ज्यादा बढ़ सकता है. आर्थिक दिक्कतें, राजनीतिक अस्थिरता और कट्टर सोच इस समस्या को और बढ़ा सकती हैं.

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