ईरान से एक बड़ी खबर सामने आई है. ईरान के गिराश इलाके में 4.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप ने जंग के माहौल के बीच भारी दहशत पैदा कर दी है. USGS ने बताया कि भूकंप 10km (6.21 मील) की गहराई पर था. एक तरफ इजरायली धमाकों से धरती कांप रही है, तो दूसरी तरफ कुदरती जलजले ने लोगों की नींद उड़ा दी है. इस बीच ईरानी विदेश मंत्री ने कड़े तेवर दिखाते हुए अमेरिका को गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. धमाकों और भूकंप के इस दोहरे संकट ने क्षेत्र में किसी बड़ी अनहोनी की आहट दे दी है.

गराश में भूकंप की भौगोलिक स्थिति

ईरान का गराश शहर, जो फार्स प्रांत में स्थित है, एक बार फिर भूकंप से दहल उठा है. दक्षिणी ईरान का यह हिस्सा भौगोलिक रूप से 'जाग्रोस फोल्ड थ्रस्ट बेल्ट' पर स्थित है, जहां अरेबियन और यूरेशियन प्लेटों की आपसी टक्कर के कारण धरती अक्सर कांपती रहती है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, 3 मार्च 2026 को आए इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था. चूंकि ईरान दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि इस इलाके में 4 से 5 मैग्नीट्यूड के भूकंप आना एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है. हालांकि, युद्ध के मौजूदा हालात ने इस प्राकृतिक घटना को एक गहरे संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है.

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युद्ध के बीच परमाणु परीक्षण की आशंका

इजराइल और अमेरिका के साथ जारी भीषण संघर्ष के बीच इस भूकंप ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है. सोशल मीडिया और रक्षा गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या ईरान ने अपनी परमाणु ताकत का प्रदर्शन करने के लिए अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट किया है. जंग की स्थिति में हर बड़े विस्फोट या भूकंप को परमाणु परीक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन वैज्ञानिक डाटा कुछ और ही कहानी बयां करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी भूमिगत परमाणु परीक्षण से पैदा होने वाले भूकंप की तीव्रता आमतौर पर 4.5 रिक्टर स्केल से ऊपर होती है और उसका 'वेवफॉर्म' प्राकृतिक भूकंप से बिल्कुल अलग होता है. फिलहाल वैज्ञानिक इस डाटा की जांच कर रहे हैं, लेकिन अब तक इसे एक कुदरती आपदा ही माना जा रहा है.