E-Cigarette with zombie drug combination: अमेरिका से लेकर लंडन तक जॉम्बी ड्रग (Zombie Drug) तबाही मचा रहा है। इस ड्रग्स की चपेट में आने से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। ब्रिटेन में यौन अपराधी धड़ल्ले से इसका इस्तेमाल नशे के लिए कर रहे हैं। खास बात ये है कि ये अपराधी लोगों से खचाखच भरे बार और पब में जाकर उनको निशाना बना रहे हैं।
युवाओं के बीच वेपिंग यानी ई-सिगरेट का चलन बेहद गंभीर समस्या बनकर उभरा है। पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वेपिंग को अपराध करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। यौन अपराधी ई-सिगरेट में कुछ ऐसी दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं जो पीड़ितों को पूरी तरह से लाचार कर देता है। इसे लेने के 20 मिनट बाद इसका असर शुरू हो जाता है।
ई-सिगरेट में 'जॉम्बी ड्रग' का इस्तेमाल
शनिवार को सेंट्रल लंदन के सोहो में पुलिस ने 38 साल के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिस पर वेपिंग के जरिए बलात्कार का आरोप है। पुलिस का कहना है कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां पर ई-सिगरेट में कुछ नशीली दवाएं मिलाई जाती हैं, जिसे 'जॉम्बी ड्रग' कहा जाता है। डायलेजिन ड्रग को ही जॉम्बी ड्रग के रूप में जाना जाता है. इसे जानवरों की दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
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वेपिंग डिवाइस विदेशों में बेहद लोकप्रिय है। ई-सिगरेट बैटरी से चलती है. इसमें तंबाकू या कई तरह के अन्य तरल पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है. मार्केट में ये कई तरह के शेप और साइज में मिलती है। कुछ ई-सिगरेट पेन ड्राइव या यूएसबी डिवाइस की तरह भी उपलब्ध हैं। इसके इस्तेमाल से फेफड़ों से जुड़ी कई तरह की खतरनाक बीमारी हो सकती है।