US-Iran peace deal: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही तनातनी को खत्म करने के लिए जिस शांति समझौते पर आज हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी, उस पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. दरअसल, रविवार सुबह इजरायल ने अचानक लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में एक पांच मंजिला इमारत पर जोरदार हवाई हमला कर दिया. इस हमले से अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली महाडील खटाई में पड़ती नजर आ रही है, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बेहद नाराज कर दिया है.
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डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को लगाई फटकार
इस हमले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट लिखकर इजरायल की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की. ट्रंप ने कहा, "आज सुबह बेरूत पर हुआ हमला बिल्कुल नहीं होना चाहिए था. खासकर ऐसे खास दिन पर जब हम (अमेरिका और ईरान) एक ऐतिहासिक शांति समझौते के इतने करीब पहुंच चुके हैं." ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को साफ लहजे में चेतावनी दी कि वे इस पूरी मेहनत पर पानी न फेरें.
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दोनों पक्षों को तुरंत युद्ध रोकने की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने न केवल इजरायल बल्कि ईरान समर्थित लेबनानी चरमपंथी संगठन हिजबुल्लाह को भी सख्त हिदायत दी है. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, "अब इजरायल की तरफ से लेबनान में कहीं भी कोई हमला नहीं होना चाहिए, और न ही हिजबुल्लाह या किसी अन्य संगठन की तरफ से इजरायल पर कोई जवाबी कार्रवाई होनी चाहिए. यह एक बेहद खूबसूरत और लंबी शांति की शुरुआत हो सकती है, इसलिए बेवकूफी में इसे बर्बाद मत करो."
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नेतन्याहू ने दी सफाई, ईरान ने खड़े किए सवाल
दूसरी तरफ, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इस हमले का बचाव किया है. इजरायल का कहना है कि हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल में तीन रॉकेट दागे थे, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई. वहीं इस हमले के बाद ईरान के शीर्ष वार्ताकार ने अमेरिका की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बेरूत पर यह हमला दिखाता है कि अमेरिका या तो अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना नहीं चाहता या फिर वह इजरायल को रोकने में पूरी तरह नाकाम है. फिलहाल कतर के मध्यस्थ इस डील को बचाने के लिए तेहरान में लगातार बैठकें कर रहे हैं.
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