'अंदर घुसकर जान से मार दूंगा', डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को युद्धविराम के बाद भी क्यों दी खुली धमकी?
Written By News24 हिंदी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
Written By News24 हिंदी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
Donald Trump Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को धमकी दी है कि अगर गाजा में लोगों की हत्याएं और नरसंहार नहीं रुका तो अमेरिकी सेना गाजा में घुसकर एक-एक को चुन-चुन कर जान से मार देगी. अमेरिका सीधे दखल देने को मजबूर हो जाएगा, जो वह करना नहीं चाहता है. इसलिए हमास हथियार डाल दे और गाजा में शांति स्थापित करने में सहयोग करे, नहीं तो अमेरिकी की सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे. अमेरिका के पास हमास का नाम खत्म करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.
यह भी पढ़ें: अमेरिकी सेना की एयर स्ट्राइक, कैरेबियाई सागर में शिप को बनाया निशाना, वेनेजुएला ने की शिकायत
बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप ने हमास को खुली धमकी तब भी, जब युद्धविराम होने के बावजूद सार्वजनिक रूप से लोगों को फांसी दिए जाने का एक वीडियो सामने आया. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि गाजा में निर्माण कार्य के लिए खुदाई की गई तो कई शव बरामद हुए हैं, जो काफी समय से वहां दफन हैं. कई सुरंगें मिली हैं , जो जमीन के अंदर काफी गहराई में हैं ओर उनके अंदर क्या होगा, कह नहीं सकते. हमास को हथियार डाल देने चाहिएं. शांति समझौता माना है तो ऐसा करना होगा. अगर नहीं करेंगे तो करने पर मजबूर करेंगे.
यह भी पढ़ें: 2.5 घंटे फोन पर गुफ्तगू और… ट्रंप और पुतिन के बीच क्या बातचीत हुई? 5 पॉइंट में जानें अपडेट्स
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली से मुलाकात की और लंच किया. इस दौरान उन्होंने अर्जेंटीना की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए 20 अरब अमेरिकी डॉलर के वित्तीय सहायता घोषित की. लंच खत्म होने के बाद मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने बताया कि अर्जेंटीना को आर्थिक मदद दी है और गाजा में भी शांति स्थापना और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. वहीं हमास के हथियार डालने का इंतजार है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करके हमास को निरस्त्रीकरण के लिए मजबूर करेंगे.
Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.
First published on:
Read more: About our editorial guidelines and standards here.