अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' का सुझाव दिया है. ट्रंप ने दावा किया है कि अब इस अहम समुद्री रूट पर अमेरिका का कब्जा है. इसलिए इसका नाम बदला जाना चाहिए.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा है, 'अब जब यह (होर्मुज स्ट्रेट) पूरी तरह से अमेरिका के कब्जे में है तो क्या हमें होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' कर देना चाहिए?'
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ट्रंप ने साथ ही होर्मुज स्ट्रेट पर कहा, 'होर्मुज स्ट्रेट को हम कंट्रोल कर रहे हैं. कभी-कभी वे (ईरान) ड्रोन पर गोली चलाते हैं और उसे गिरा देते हैं. लेकिन उस पर हमारा मजबूत कब्जा है. वे अपना रडार सिस्टम, मिसाइल सिस्टम और माइन ड्रॉप करने वाले सिस्टम को फिर से बनाने की कोशिश कर रहे थे. वे एक ऐसा रॉकेट बनाने की कोशिश कर रहे थे जो माइन गिराता हो. ऐसा कौन करता है? क्या आपने कभी ऐसा रॉकेट बनाया है जो माइन गिराता हो? मैंने ऐसी चीज के बारे में कभी नहीं सुना, लेकिन वे यही कर रहे थे. वे इसे बना रहे थे. यह लगभग पूरा हो चुका था, इसलिए हमने इसे खत्म कर दिया.'
इसके अलावा ट्रंप ने कहा, 'ईरान में प्रदर्शनकारियों को गोली मारी जा रही है, तीन महीने पहले तक, 52,000 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके थे. और अब मुझे सुनने में आ रहा है कि शायद 25,000 और लोग मारे गए हैं. वहां करीब 65,000 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं. वहां की सरकार दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही है, और एक समय ऐसा आएगा जब वे इतनी आसानी से गोली नहीं चला पाएंगे क्योंकि मुझे लगता है कि लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. ईरान में जब लोग विरोध करने के लिए बाहर निकलते हैं, तो वे उन्हें मार देते हैं.'
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कितना अहम है होर्मजु स्ट्रेट
होर्मुज स्ट्रेट ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए बेहद अहम रूट है. इसी रूट पर कई देशों की एनर्जी सप्लाई निर्भर है. यहां तक ही भारत में भी क्रूड ऑयल, गैस और कई अन्य सामान इसी रूट से आते हैं. ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का पांचवां हिस्सा यानी 20 फीसदी इसी संकरे समुद्री रूट से होकर गुजरता है. ईरान-अमेरिका जंग के बीच अभी यह रूट सबसे ज्यादा विवादित बना हुआ है. जहां एक ओर ईरान इस रूट पर अपना कब्ज चाहता है तो वहीं, दूसरी ओर अमेरिका ने इसे पूरी तरह से घेर कर इस पर दावा कर रहा है.
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ट्रंप ने पहले भी बदले हैं नाम
डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी कई जगहों के नाम बदले हैं. कनाडा के साथ ट्रेड वॉर के बीच उन्होंने हाल ही 'लेक ओंटारियो' का नाम बदलकर 'लेक अमेरिका' करने का ऐलान किया था. इसके साथ ही साल 2025 में सत्ता में दोबारा लौटने के पहले ही दिन उन्होंने 'गल्फ ऑफ मैक्सिको' का नाम बदलकर 'गल्फ ऑफ अमेरिका' कर दिया था.
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