अमेरिका के बगदाद स्थित दूतावास के जरिए अमेरिकी नागरिकों को इरा छोड़ने का आदेश दिया है। क्योंकि ईरान से जुड़े मिलिशिया ग्रुप के लड़ाके अगले 24 से 48 घंटे के अंदर बगदाद के सेंट्रल इलाके में हमले कर सकते हैं। ईरान समर्थित मिलिशिया पहले भी इराक में अमेरिकी ठिकानों, दूतावास और दूसरे ठिकानों पर हमला कर चुके हैं।
देश के नाम ट्रंप के संबोधन के बाद चीन और हांगकांग के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज हुई। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स करीब 0.53% गिर गया, जबकि CSI300 इंडेक्स में 0.74% की कमजोरी देखी गई। वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.1% नीचे आया और टेक शेयरों में ज्यादा दबाव रहा, HSTECH इंडेक्स 2.2% तक गिर गया।
देश के नाम ट्रंप के संबोधन के बाद जापान का शेयर बाजार गिर गया। ईरान युद्ध खत्म होने के साफ संकेत नहीं मिलने से निवेशकों का भरोसा टूटा। 1% तक चढ़ने के बाद निक्केई इंडेक्स गिरकर 1.6% गिरने के बाद 52867 पर आ गया। वहीं टॉपिक्स इंडेक्स भी 1% नीचे आ गया।
राष्ट्रपति ट्रंप के देश के नाम संबोधन के बाद कच्चे तेल की कीमतें घटने की बजाय बढ़ गईं। उन्होंने ईरान पर हमले तेल करने और बिजली संयंत्रों के साथ-साथ ऑयल प्लांट को निशाना बनाने की धमकी दोहराई थी। ट्रंप ने मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर देशों से कहा कि वे खुद ही होर्मुज के संकट को संभालें और फिलहाल अमेरिकी तेल खरीदें। ट्रंप की स्पीच खत्म होने के बाद अमेरिका का बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चा तेल भाषण से पहले करीब 98 डॉलर प्रति बैरल था, जो बढ़कर लगभग 104 डॉलर पहुंच गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी 100 डॉलर से बढ़कर लगभग 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने ट्रंप के संबोधन पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि ईरान तब तक युद्ध को नहीं रोकेगा, जब तक वह अपना हक हासिल नहीं कर लेता। जब तक हम दुश्मन को पछताने पर मजबूर नहीं कर देता। युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला सुप्रीम लीडर और ईरान की जनता पर निर्भर करेगा। अमेरिका जब चाहे तब इस क्षेत्र से नहीं निकल सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में दावा किया कि अमेरिकी सेना अगले 2-3 हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगी। फिर सेना वापस बुला ली जाएगी। अमेरिका को अपने सैन्य लक्ष्य पूरे करने हैं, जिसके वह काफी करीब है। रणनीतिक लक्ष्य पूरे कर लिए गए हैं। अब ईरान की सैन्य क्षमता को थोड़ा और कमजोर करना बाकी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर 45000 प्रदर्शनकारियों की हत्या करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जनवरी महीने में ईरान में जो विरोध प्रदर्शन हुए थे, उनमें 45000 लोगों को मौत के घाट उतारा गया था। ईरान की जनता को उस तानाशाही सरकार से छुटकारा दिलाने के लिए हमला करने का प्लान बनाया था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी स्पीच में ईरान को चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने कोई समझौता नहीं किया तो अमेरिका ईरान को पाषाण युग में भेजा देगा। इसके लिए 2-3 हफ्ते का इंतजार करेंगे, फिर इतना बड़ा हमला करेंगे कि ईरान पाषाण युग में चला जाएगा। इतना ईरान की ताकत को कमजोर कर देंगे। उसकी नौसेना, वायुसेना, IRGC, मिसाइल, ड्रोन क्षमत को खत्म कर दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज को खोलने की जिम्मेदारी अमेरिका की नहीं है। ईरान में रणनीतिक मकसद पूरा हो चुका है। अगले 2-3 हफ्ते में ईरान मिशन खत्म हो जाएगा। सहयोगी देशों ने ईरान के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया। इसलिए होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने की जिम्मेदारी अब उन्हीं देशों को लेनी चाहिए। जिसे अपने तेल की जरूरत पूरी करनी है, वह होर्मुज खुलवाए। होर्मुज के रास्ते अमेरिका तेल नहीं लेता, इसलिए अमेरिका की जिम्मेदारी इसे खुलवाने की नहीं है।
देश के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल और खाड़ी देशों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इजरायल ने सैन्य सहयोग दिया, इसके लिए वे तहेदिल से आभारी हैं। खाड़ी देशों ने ईरान के हमलों के बावजूद शांति बनाए रखी, इसके लिए वे शुक्रगुजार हैं। अमेरिका भी इजरायल और खाड़ी देशों के साथ खड़ा रहेगा। किसी भी हालत में उन्हें नुकसान नहीं होने देगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार होने का इनपुट मिला था, लेकिन उसके पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। न ही मैं कभी ऐसा होने दूंगा और दुनिया के किसी भी राष्ट्रपति को ऐसा नहीं होने देना चाहिए। 47 साल से विवाद चल रहा है। यह विवाद होने देना ही नहीं चाहिए था। ईरान के पास यूरेनियम होते की खबर मिलते ही मामला खत्म कर देना चाहिए।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में ही कसम खा ली थी कि वे ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। क्योंकि अगर कोई आतंकवादी देश परमाणु हथियार बना लेगा तो यह पूरी दुनिया के लिए विनाशकार सािबत होगा। ईरान की सरकार दुनिया की सबसे हिंसक और दबंग सरकार थी, जो परमाणु हथियारों के पीछे छिपकर आतंकवाद, आर्थिक दबाव, कब्जा करने और सामूहिक हत्याएं करने जैसे अभियान चला सकती थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जनवरी 2026 में अमेरिका के वेनेजुएला ऑपरेशन की तारीफ की और कहा कि वेनेजुएला से निकोलस मादुरो को हटाया गया था। तब भी ऐसे ही घेराव करके सैन्य कार्रवाई की थी। आज वेनेजुएला के साथ मिलकर अमेरिका काम कर रहा है। आज वे हमारे सच्चे साझेदार हैं और हमारे संबंध बहुत अच्छे चल रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने साल 2015 में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय में ईरान के साथ हुए समझौते का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर यह समझौता अगर यह जारी रहता तो ईरान के पास बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों का जखीरा हो जाता। अगर समझौता चलता रहता तो ईरान के पास कई साल पहले परमाणु हथियार आ जाते। वह इजरायल, अमेरिका समेत कई देशों के खिलाफ वह उनका इस्तेमाल भी कर चुका होता। मिडिल ईस्ट का अस्तित्व ही नहीं होता।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका और वे न होते तो ईरान परमाणु हथियार बना चुका होता। फिर न इजरायल बचता और न ही मिडिल ईस्ट का कोई देश बचता। पूरी दुनिया पर मुसलमानों का कब्जा होता और तबाही मचती। पहले कार्यकाल में ईरान के साथ साल 2015 में हुआ परमाणु समझौता खत्म किया और दूसरे कार्यकाल में ईरान की परमाणु हथियार तो क्या, मिसाइल-ड्रोन और हथियार बनाने की क्षमता ही खत्म कर दी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि युद्ध अब समापन की ओर बढ़ रहा है। बेशक युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़े। कई देशों को महंगा तेल खरीदना पड़ा। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से ऑयल शिपिंग बाधित हुई। लेकिन नेक कम करने के लिए कीमत तो चुकानी पड़ती है। होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की जरूरत नहीं है। जब युद्ध खत्म होगा तो वह अपने आप खुल जाएगी और तेल की कीमतें भी नीचे आ जाएंगी।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत जबरदस्त हमले किए हैं। एक महीने के अंदर ही ईरान घुटनों पर आ गया। ईरान दुनिया का नंबर-1 आतंकियों को समर्थन करने वाला देश है तो इस देश के पास परमाणु हथियार होने का सवाल ही नहीं उठता। अमेरिका जंग जीत चुका है और फाइनल जीत की ओर बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता खत्म हो गई है। ईरान के खिलाफ जंग को अमेरिका ने ऐसे जीता है कि दुनिया ने ऐसी जीत कभी नहीं देखी होगी। अमेरिकी सेना ने ईरान को काफी कमजोर कर दिया है। ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। ईरान के हथियार बनाने वाले कारखाने और रॉकेट लॉन्चर तबाह कर दिए हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु बम बनाना चाहता है, लेकिन ऐसा नहीं होने देंगे। ईरान की परमाणु हथियार बनाने क्षमता खत्म कर दी है। बहुत कम समय में ईरान के खिलाफ टारगेट पूरे किए हैं। उनकी नेवी, वायुसेना खत्म हो चुकी है। वहां की सत्ता बदल चुकी है। ईरान का न आज और न ही भविष्य में परमाणु शक्ति बनने देंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में देश की सेना का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सेना इतनी ताकतवार है कि किसी देश की सेना उसका मुकाबला नहीं कर सकती। इस सेना ने ईरान को घुटनों पर ला दिया है। ईरान की सेना का विनाश कर दिया है। उनके मिसाइल भंडारों को खत्म कर दिया है।
Donald Trump Speech LIVE Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज देश को संबोधित किया। भारतीय समय के अनुसार करीब 6:30 बजे उनका संबोधन शुरू हुआ। वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के पहले फ्लोर पर बने क्रॉस हॉल से उन्होंने देश को संबोधित किया। देश के नाम संदेश में उन्होंने जहां ईरान युद्ध में अमेरिका की जीत का ऐलान किया, वहीं ईरान की तबाही को बारे में विस्तार से बताया।
आइए देश के नाम ट्रंप के संदेश से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ...
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