अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बयान से भड़क गए हैं। वे डेमोक्रेटिक पार्टी के युद्ध के बाद ईरान के मजबूत होने के दावे से भी नाराज हैं। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दोनों गुटों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि समझौते के लिए मैं नहीं ईरान बेताब था। ईरान ही गिड़गिड़ाया था उनके और मध्यस्थ देशों के आगे। मूर्ख हैं वे लोग जो कहते हैं कि ईरान युद्ध के बाद मजबूत बनकर उभरा है। सच तो यह है कि अमेरिका ने ईरान को बर्बाद कर दिया है।
---विज्ञापन---
ईरान को वित्तीय सहायता न देने का ऐलान
ट्रंप ने दावा किया है कि वाशिंगटन ने नहीं, बल्कि तेहरान ने युद्ध खत्म करने और समझौता करने के लिए बातचीत शुरू करने की कोशिश की थी। हम हताशा में नहीं मिले, बल्कि ईरान मिला। उनका खेल खत्म हो चुका है। अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अमेरिका अपने वादे पर कायम रहेगा और तेहरान को किसी प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान नहीं करेगा। हम पूरे 60 दिन तक परमाणु समझौते के लिए इंतजार करेंगे, लेकिन उन्हें एक पैसा नहीं मिलेगा, दस सेंट भी नहीं।
---विज्ञापन---
मोजतबा खामेनेई के इस बयान पर भड़के
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह टिप्पणी ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के द्वारा उन पर सीधा निशाना साधने के एक दिन बाद की। मोजतबा ने दावा किया था कि अमेरिकी नेता समझौते के लिए बेताब थे और इसे हासिल करने के लिए हर तरह के दबाव का इस्तेमाल कर रहे थे। अमेरिका-ईरान समझौते के ड्राफ्ट पर हस्ताक्षर होने के बाद अपने पहले बयान में मोजतबा ने कहा कि उन्होंने शुरू में समझौते का विरोध किया था, लेकिन राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्यों से देश के हितों की रक्षा का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने समझौते को अपनी मंजूरी दे दी थी।
---विज्ञापन---
डेमोक्रेटिक पार्टी के बयान का मजाक उड़ाया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान खत्म हो चुका है। युद्ध ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को तबाह कर दिया है। उसकी वायु सेना, नौसेना और डिफेंस सिस्टम तबाह हो चुके हैं। फिर भी डेमोक्रेट कहते हैं कि ईरान की स्थिति चार महीने पहले की तुलना में अब बेहतर है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि वे ऐसा कहकर बच निकलेंगे? कुछ लोग कितने मूर्ख हो सकते हैं, उन्होंने साबित कर दिया है। ईरान को मजबूत समझकर वे गलती कर रहे हैं। जबकि सच तो यह है कि अमेरिका ने ईरान को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और ईरान ने परमाणु समझौता नहीं किया तो धरती से नामोनिशां मिटा देंगे।
---विज्ञापन---