मिडिल ईस्ट में फिर भयानक युद्ध छिड़ने के आसार हैं, क्योंकि अमेरिका और ईरान में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका अब होर्मुज स्ट्रेट को अपना इलाका बताने लगा है और दावा कर रहा है कि समुद्री रास्ता पूरी तरह खुला है. वहीं ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट तब तक बंद रहेगी, जब तक अमेरिका अपने वादे पूरे नहीं करता. इसी विवाद के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ने होर्मुज स्ट्रेट का नया मैप जारी किया है, वहीं ईरान ने भी अमेरिका को सीधी धमकी दे दी है, जिसके चलते मिडिल ईस्ट में फिर से महासंकट गहराने के आसार बन गए हैं, जिसकी चपेट में सभी अरब देश आएंगे.

राष्ट्रपति ट्रंप का होर्मुज स्ट्रेट का नक्शा कैसा है‌?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर होर्मुज स्ट्रेट का नक्शा पोस्ट किया. इस नक्शे में होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का इलाका बताया गया है. नक्शे में होर्मुज स्ट्रेट के अहम चोकपॉइंट (संकरे समुद्री रास्ते) पर घेरा बनाया गया है और इसे अमेरिका का नया एरिया बताया. राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि वे जल्दी ही ईरान की हार का ऐलान करेंगे और साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का नया इलाका घोषित करुंगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने 18 अगस्त को भी ऐसा ही एक नक्शा पोस्ट किया था और इससे पहले 15 अगस्त को इसे अमेरिका का इलाका घोषित करने का वादा किया था.

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ईरान ने अमेरिका को सीधी धमकी क्या दी है?

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के राष्ट्रपति ट्रंप के नक्शे को खारिज किया है. ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान का था, है और रहेगा. होर्मुज स्ट्रेट बंद है और इसे तब तक नहीं खोला जाएगा, जब तक अमेरिका अपने वादे पूरे नहीं करेगा. दुनियाभर के देशों से अपील करता हूं कि वे ईरान के खिलाफ अमेरिका की आर्थिक जंग का हिस्सा न बनें. अगर किसी ने अमेरिका का साथ दिया तो वह ईरान का दुश्मन बन जाएगा. ईरान नए आर्थिक प्रतिबंधों को अमेरिका की ओर से युद्ध का शंखनाद मानेगा, जिसका खामियाजा अमेरिका के साथ उसके सहयोगी देश भी भुगतेंगे.

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अमेरिका की ईरान नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के वाणिज्य मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिए हैं कि ईरान पर अमेरिका की ट्रंप सरकार नए आर्थिक प्रतिबंध लगा सकती है. जल्दी ही इन प्रतिबंधों का ऐलान किया जाएगा और चीन से अपील है कि वह इन प्रतिबंधों में अमेरिका को सहयोग करे. लेकिन चीन का कहना है कि ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने से संकट का समाधान नहीं निकलेगा. अमेरिका को कूटनीति से ईरान के साथ विवाद सुलझाना चाहिए. पिछले 6 महीने से अमेरिका ने ईरान पर दबाव डाला हुआ है, लेकिन ईरान अपनी जिद से टस से मस नहीं हुआ नए प्रतिबंध लगने से भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

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