CIA Chief Secret Moscow Mission: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हफ्ते सीआई डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ को एक गुप्त मिशन पर मॉस्को भेजा, क्योंकि उनका प्रशासन रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बने गतिरोध को खत्म करने के नए तरीके तलाश रहा है. 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रैटक्लिफ की जर्नी को इतना सीक्रेट रखा गया था कि कुछ सीनियर अमेरिकी अधिकारियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी. यूएस ऑफिशियल्स ने बताया कि वो लातविया से उड़ान भरने वाले एक बिना निशान वाले अमेरिकी C-17 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से मॉस्को गए थे.
मॉस्को का सीक्रेट मिशन
इस सीक्रेसी ने कई यूरोपीय अधिकारियों को भी चौंका दिया; मिशन के बारे में पता चलने पर कुछ अधिकारियों ने इस पर सफाई भी मांगी. डिप्लोमेटिक चैनल के तौर पर जॉन रैटक्लिफ का सिलेक्शन अहम है क्योंकि उन्होंने रूस के खुफिया अधिकारियों के साथ बातचीत के रास्ते बनाए हैं. इससे पहले ट्रंप प्रशासन के दूसरे सीनियर अधिकारियों की कोशिशों से कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिल पाई थी.
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NATO को लेकर चेतावनी
रूस के खुफिया अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान जॉन रैटक्लिफ ने कथित तौर पर दोहराया कि अमेरिका NATO के आर्टिकल 5 को लेकर कमिटेड है, जिसके तहत किसी भी मेंबर पर हमला होने की सिचुएशन में कलेक्टिव डिफेंस करना जरूरी है. ये मैसेज उन पिछली रिपोर्ट्स के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि रैटक्लिफ ने मॉस्को को NATO सदस्यों को निशाना बनाने के खिलाफ चेतावनी दी थी. अमेरिकी खुफिया आकलन में चिंता जताई गई है कि रूस आने वाले सालों में इस एलायंस के लिए चुनौती बन सकता है. हालांकि, ट्रंप ने गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को इन चिंताओं को कम करने की कोशिश करते हुए कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 'NATO क्षेत्र पर हमला नहीं करेंगे.'
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यूक्रेन पर बातचीत फिर से शुरू करने पर जोर
खबरों के मुताबिक जॉन रैटक्लिफ ने यूक्रेन जंग को खत्म करने के लिए बातचीत फिर से शुरू करने पर भी जोर दिया. यूक्रेन के प्रसिडेंट ऑफिस के चीफ किरिलो बुदानोव ने कहा कि बातचीत सितंबर की शुरुआत में फिर से शुरू हो सकती है.अगस्त में अलास्का में पुतिन के साथ ट्रंप की पिछली बैठक से कोई शांति समझौता नहीं हो पाया था. तब से वाशिंगटन कीव को पूर्वी यूक्रेन में क्षेत्रीय रियायतों पर विचार करने के लिए एनकरेज करता रहा है.
रूस पर यूरोप की पैनी नजर
यूरोपीय सरकारें रूस की कथित हाइब्रिड एक्टिविटीज को लेकर चिंतित हैं, जिनमें ड्रोन घटनाएं, साइबर हमले और संदिग्ध विस्फोटक पैकेज शामिल हैं. अधिकारियों को आशंका है कि 2030 तक मॉस्को एक मजबूत पारंपरिक सैन्य खतरा बन सकता है. खबरों के मुताबिक जॉन रैटक्लिफ ने रूस से ईरान के साथ अपने आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को कम करने की भी गुजारिश, क्योंकि वाशिंगटन सैंक्शंस के जरिए तेहरान पर दबाव बढ़ा रहा है.
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