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डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर इस देश से सस्ता कच्चा तेल खरीदने पर लगाई पाबंदी, जानें देश को क्या होगा नुकसान?

Middle East War: अमेरिका और ईरान की जंग में एक बार फिर भारत का नुकसान हुआ है। ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल खरीदने की जो ढील दी हुई थी, उस पर अब रोक लगा दी गई थी। इसका खामियाजा देश को भुगतना होगा। आइए जानते हैं कि आखिर मामला क्या है?

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ईरान के कारण प्रतिबंध लगने से भारत और अमेरिका में तनाव पैदा हो सकता है. (Credit- X)

मिडिल ईस्ट में ईरान और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर गहराए संकट के बीच अमेरिका ने भारत को बड़ा झटका दिया है। ट्रंप ने रूस से अब सस्ते कच्चे तेल की खरीद पर पाबंदी लगा दी है। होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक होने से सप्लाई बाधित हुई थी। रूस के कई जहाज समुद्र में फंस गए थे। राहत देते हुए अमेरिका ने भारत को अनुमति दी थी कि वह 30 दिन तक रूस का समुद्र में फंसा कच्चा तेल खरीद सकता हैं, लेकिन यह समयसीमा 11 अप्रैल को खत्म हो गई और अब खरीद पर रोक लगा दी गई है।

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भारत समेत कई एशियाई देशों के लिए टेंशन बढ़ी

बता दें कि अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के ताजा फैसले ने भारत समेत कई एशियाई देशों को टेंशन में डाल दिया है। क्योंकि जंग के कारण होर्मुज ब्लॉक है तो ईरान से कच्चा तेल नहीं मिल रहा। वहीं अब रूस से आयात बंद होने से भारत को खाड़ी के अन्य देशों से तेल खरीदना पड़ेगा या अमेरिका के घरेलू बाजार पर निर्भरता बढ़ानी होगी। यह दोनों ही रास्ते महंगे हैं। वहीं तेल-गैस की सप्लाई कम होने से पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और इनके रेट बढ़ाने पड़ सकते हैं।

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छूट मिलने पर भारत ने 3 करोड़ बैरल तेल खरीदा

अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट की सचिव स्कॉट बेसेंट ने रूस से तेल खरीद में छूट की समयसीमा नहीं बढ़ाने की घोषणा की। भारत ने छूट का काफी फायदा उठाया है। अमेरिका से समझौते के अनुसार भारत की रिफाइनरियों ने रूस की तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल से किनारा कर लिया था। लेकिन तेल खरीद की छूट मिलने के बाद भारत ने रूस से लगभग 3 करोड़ बैरल तेल खरीदा। भारत समेत कई एशियाई देशों ने अमेरिका से छूटों को बढ़ाने की अपील की थी, जिसे ठुकरा दिया गया।

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युद्ध के कारण दुनिया में कच्चे तेल का संकट गहराया

28 फरवरी को अमेरिका और ईरान का युद्ध छिड़ने के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई थीं। इस वजह से दुनिया में तेल का संकट गहराने लगा था। राहत देने के लिए 12 मार्च को भारत को रूस का समुद्र में फंसा कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिन की विशेष छूट मिली। ईरान से तेल खरीद के लिए भी 30 दिन का लाइसेंस दिया था। लेकिन रूस के लिए मिली छूट 11 अप्रैल को खत्म हो गई, जबकि ईरान के लिए मिली छूट 19 को खत्म होगी।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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