अमेरिका द्वारा भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने की चर्चाएं जोरों पर हैं. इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को दो टूक जवाब दिया है. भारत की ओर से आए बयान में कहा गया है कि 'हमने यह साफ कर दिया है कि हमारे एनर्जी से जुड़े फैसले मार्केट की स्थितियों को ध्यान में रख कर लिए जाते हैं और 1.4 अरब भारतीयों के लिए एनर्जी सिक्योरिटी पक्का करते हैं.' बता दें कि भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी चर्चाओं का जवाब दिया.
US भारत सहित इन देशों पर भी लगाना चाहता है 500 फीसदी टैरिफ
बता दें कि अमेरिका पहले से ही भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा रहा है. हालांकि अमेरिका के इस फैसले से भारत की इकोनॉमी पर कुछ खास असर नहीं पड़ा. जिसके बाद अब अमेरिका भारत, चीन, ब्राजील जैसे देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाना चाहता है. मिली जानकारी के अनुसार, इस बिल को सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पेश किया है. इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने 7-8 जनवरी 2026 को इस बिल को हरी झंडी भी दे दी.
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मिली जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने ग्राहम से मीटिंग के बाद इसे हरी झंडी दी है. वहीं, अमेरिका का कहना है कि भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीद कर रूस के युद्ध की फंडिंग कर रहा है और इसे बढ़ावा दे रहा है.
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हम अपनी रणनीति इन मुद्दों पर करते हैं तैयार- MEA
दिल्ली में विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पत्रकारों से कहा, 'जिस बिल की बात आप कर रहे हैं, ये प्रस्तावित बिल है, उसके बारे में हमें जानकारी है. इस बिल से जुड़ी गतिविधियों को हम ध्यान से देख रहे हैं, साथ ही साथ मैं आपको बताना चाहूंगा कि जहां तक ऊर्जा स्रोतों का सवाल है उससे आप भलीभांति वाकिफ हैं कि हमारा क्या रवैया है. इस संदर्भ में हमारा अप्रोच वैश्विक बाजार में क्या परिस्थिति है, क्या माहौल है उसको मद्देनजर रखते हुए होता है. साथ ही साथ हमारा मानना है कि हमारे जो 1.4 अरब लोग हैं उनको किस प्रकार से सस्ते दाम पर ऊर्जा मुहैया कराया जाए, इन दोनों चीजों को देखकर हम अपनी रणनीति और स्ट्रैटेजी तय करते हैं.'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी कॉमर्स मिनिस्टर के भारत के दावे को भी गलत बताया. अमेरिकी कॉमर्स मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील इसलिए नहीं हुई क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया था.
'2025 में PM मोदी और राष्टपति ट्रंप के बीच हुई 8 बार फोन पर चर्चा'
रणधीर जायसवाल ने कहा, 'मैंने उन टिप्पणियों को देखा है, भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फरवरी से ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे. तब से दोनों पक्षों ने एक संतुलित और लाभकारी व्यापार समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है, कई मौके पर हम समझौते के करीब पहुंचे हैं, रिपोर्ट की गई टिप्पणियों में इन चर्चाओं का जो विवरण दिया गया है वो ठीक नहीं है. हम दो पूरक इकोनॉमी के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापारिक समझौते में रुचि रखते हैं और इसे संपन्न करने की आशा रखते हैं. संयोग से 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 8 बार फोन पर बातचीत हुई, जिसमें हमारी व्यापक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई है.'