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ईरान से 'महाजंग' के बीच ट्रंप का बड़ा फैसला, प्रशांत महसागर से हटाया आखिरी युद्धपोत, जानें चीन ने क्यों जताई खुशी?

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ तैनात युद्धपोत अब्राहम लिंकन को वापस बुला लिया है और उसकी जगह जॉर्ज वाशिंगटन को तैनात करने का ऐलान किया है, जिसे हिंद-प्रशांत एरिया से वापस बुला लिया गया है. आइए जानते हैं कि आखिर ट्रंप ने क्यों वापस बुलाया युद्धपोत और चीन को ट्रंप के फैसले से क्या फायदा होगा.

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donald trump

मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ ‘महाजंग’ के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने प्रशांत महसागर में तैनात अपने युद्धपोत हो वापस बुला लिया है. यह एशिया-प्रशांत एरिया में तैनात आखिरी अमेरिकी युद्धपोत था. यह युद्धपोत मिडिल ईस्ट में तैनात USS अब्राहिम लिंकन को रिप्लेस करेगा. ट्रंप के इस फैसले से चीन खुश हो गया है और अमेरिका के सहयोगी एशियाई देशों जापान और ताइवान की टेंशन बढ़ गई है. चीन हिंद-प्रशांत एरिया से चीन की वापसी का पूरा फायदा उठा सकता है, ताइवान और जापान पर हमला कर सकता है.

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अमेरिका ने क्यों हटा दिया आखिरी यद्धपोत?

बता दें कि USS जॉर्ज वाशिंगटन के वापस आने से अब अमेरिका का कोई युद्धपोत हिंद-प्रशांत एरिया में तैनात नहीं है. राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धपोत को मिडिल ईस्ट में तैनात करने का फैसला किया, क्योंकि USS अब्राहम लिंकन को वहां तैनात हुए 8 महीने बीत गए हैं और अब इस पर दबाव बढ़ने लगा है. परिवार से दूर रहकर इतने लंबे समय तक जंग के मैदान में तैनाती के कारण युद्धपोत पर तैनात 5000 सैनिकों का मानसिक स्वास्थ्य भी खराब होने लगा है, इसलिए उन्हें आराम देने के लिए युद्धपोत को हिंद-प्रशांत एरिया से हटाया है, जिसका फायदा चीन उठा सकता है.

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चीन कैसे उठाएगा मौजूदा स्थिति का फायदा?

बता दें कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जॉर्ज वाशिंगटन के हटने के बाद चीन ने खुशी जताई और एशियाई देशों का मजाक उड़ाते हुए कहा कि अमेरिका ने धोखा दे ही दिया, वह धोखेबाज है. विशेषज्ञों का कहना है कि हिंद-प्रशांत एरिया में अमेरिका की अनुपस्थिति का पूरा फायदा उठा सकता है. चीन ने हाल ही में जापान के पास समुद्र में सैन्य अभ्यास करके शक्ति का प्रदर्शन किया था. ताइवान का घेराव चीन ने पहले से किया हुआ है. चीन अब ताइवान, जापान, फिलीपींस और इंडोनेशिया को यह कहते हुए भड़का रहा है कि अमेरिका अब उन्हें सुरक्षा की गारंटी देने की स्थिति में नहीं है. एरिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकत चीन है और एशियाई देश चाहें तो सब मिलकर बहुत बड़ी ताकत बन सकते हैं.

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चीन के भड़काऊ बयान पर क्या बोला अमेरिका?

वहीं अमेरिका ने अपने सहयोगी एशियाई देशों से कहा है कि वे टेंशन न लें, जल्दी ही अमेरिका का दूसरा युद्धपोत तैनात हो जाएगा. अमेरिकी उनकी सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है. अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन कमांड के प्रमुख एडमिरल फ्रैंक ब्रैडली फिलीपींस पहुंचे और कहा कि युद्धपोत हटाने का मतलब इलाके को छोड़ना नहीं है. देश को रक्षा-सुरक्षा का भरोसा देते हैं और अब वे जापान जा सकते हैं, जहां वे अमेरिकी की ओर से सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करेंगे.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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