ईरान के साथ जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने खुद उनसे संपर्क किया है और वे एक समझौता करना चाहते हैं. ट्रंप के मुताबिक, यह फोन कॉल उस वक्त आया जब अमेरिका ईरान के सबसे महंगे और अरबों डॉलर की लागत से बने एक मुख्य पावर प्लांट को तबाह करने की तैयारी पूरी कर चुका था.

ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'फोन ईरान की तरफ से आया है, हमने नहीं किया. कल सुबह हम उनके सबसे महंगे पावर प्लांट को उड़ाने वाले थे, जिसे बनाने में बिलियन डॉलर्स लगे थे. शायद इसी डर से उन्होंने फोन किया कि वे अब डील करना चाहते हैं.'

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इस संभावित समझौते का सबसे बड़ा असर इजरायल पर पड़ने वाला है. ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में इजरायली नेतृत्व से भी चर्चा की है. उन्होंने कहा, 'हमने थोड़ी देर पहले इजरायल से बात की है. अगर यह समझौता होता है, तो इजरायल को बहुत खुशी होगी. क्योंकि इससे इजरायल को लंबी अवधि के लिए शांति मिलेगी.'

ट्रंप के इस दावे के बाद अब सबकी नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं. अगर ईरान वाकई समझौते की मेज पर आता है, तो यह न केवल इजरायल के लिए जीत होगी, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट के समीकरण को बदल देगा.

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इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने अमेरिका के साथ युद्ध को रोकने की किसी तरह की बातचीत से इंकार किया है. बघई ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर हमारा स्टैंड पहले वाला है. युद्ध को खत्म करने की शर्त भी पहले जैसी ही है.

वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर ने कहा कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हुई. साथ ही कहा कि फेक न्यूज फैलाई जा रही है ताकि स्टॉक मार्केट और तेल के बाजार को मेन्युप्लेट किया जा सके. इजरायल और अमेरिका फंस गए हैं और अब ट्रैप से निकलना चाहते हैं.

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28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया था. इसके बाद ईरान ने पलटवार करते हुए इजरायल पर मिसाइलें दागीं. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है.