Donald Trump to abolished Birthright Citizenship: अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बन चुके डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही दिन से बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। शपथ ग्रहण के दौरान कई बड़े ऐलान करने के बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस के 4 अधिकारियों को भी बर्खास्त कर दिया है। खबरों की मानें तो अब ट्रंप का अगला टारगेट बर्थराइट सिटीजनशिप कानून होगा, जिसे वो खत्म करने का प्लान बना रहे हैं।
ट्रंप ने दिया आदेश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 20 जनवरी 2025 को राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मकसद जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को खत्म करना है। अमेरिका का यह कानून 150 साल से भी ज्यादा पुराना है।
जन्मसिद्ध नागरिकता क्या है?
अब सवाल यह है कि जन्मसिद्ध नागरिकता आखिर क्या है? दरअसल 14वें संविधान संशोधन के तहत अमेरिका में यह नया कानून लागू हुआ था। इस कानून के तहत अमेरिका की धरती पर पैदा हुए लोग अपने आप अमेरिका के नागरिक कहलाते हैं। बेशक उनके माता-पिता किसी भी देश के नागरिक हों या फिर अवैध प्रवासी ही क्यों न हों? मगर अमेरिका में पैदा होने वाले उनके बच्चों को अमेरिका की नागरिकता दी जाती है।
ट्रंप ने उठाया पहला कदम
डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश की मानें तो उन्होंने जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार को खत्म करने की तरफ पहला औपचारिक कदम उठाया है। ट्रंप के इस आदेश में लिखा है कि अमेरिका में जन्मे हर बच्चे को उस देश की नागरिकता नहीं मिलेगी। अमेरिका की नागरिकता पाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करने की जरूरत होगी।
पूरी करनी होंगी ये शर्ते
ट्रंप के कार्यकारी आदेश के अनुसार अमेरिका की नागरिकता पाने के लिए बच्चे के माता या पिता में से किसी एक का अमेरिकी नागरिक होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा ग्रीन कार्ड धारक और अमेरिकी सेना के सदस्यों पर यह बदलाव लागू नहीं होंगे। माना जा रहा है कि अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर शिकंजा कसने के लिए ट्रंप ने यह फैसला लिया है।
कैसे खत्म होगा कानून?
हालांकि अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति कार्यकारी आदेश के जरिए इस कानून को खत्म नहीं कर सकता है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि इस कानून को खत्म करने के लिए कांग्रेस (संसद) को बहुमत के साथ-साथ राज्यों में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना होगा। इसके बाद ही इस कानून को खत्म किया जा सकेगा।
भारतीयों पर क्या होगा असर?
आंकड़ों की मानें तो ट्रंप के इस आदेश का भारत पर तगड़ा असर पड़ेगा। अमेरिकी जनगणना के अनुसार अमेरिका में 4.8 मिलियन यानी 48 लाख से ज्यादा भारतीय मूल के अमेरिकी रहते हैं। इनमें से लाखों लोगों को जन्मसिद्ध नागरिकता के तहत अमेरिकी नागरिक माना जाता है। ऐसे में अगर ट्रंप का यह सपना साकार होगा तो अमेरिका में रहने वाले कई भारतियों को अमेरिकी नागरिकता से हाथ धोना पड़ सकता है। वहीं H1-B वीजा पर अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के बच्चों को अमेरिकी नागरिकता नहीं मिल पाएगी।