Donald Trump: ट्रंप प्रशासन को एक और झटका, अमेरिकी कोर्ट ने हार्वर्ड में विदेशी छात्रों पर लगे बैन को रोका

Donald Trump: हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को विदेशी छात्रों के दाखिले पर लगे ट्रंप सरकार के प्रतिबंध पर लगी रोक। अमेरिका की एक अदालत ने हजारों इटंरनेशनल स्टूडेंट्स को दी राहत।

Donald Trump | Israel Iran War | Israel Iran Ceasefire

राष्ट्रपति ट्रंप अपने ट्वीट्स को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

Donald Trump: ट्रंप सरकार द्वारा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में विदेशी स्टूडेंट्स के दाखिले पर पाबंदी के फैसले पर कोर्ट ने फटकार लगाई है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने छात्रों को नामांकन जारी रखने के लिए कहा है। इससे पहले बुधवार को इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ वाले फैसले पर भी रोक लगाई थी। कोर्ट ने इस पर दो टूक कहा था कि ट्रंप के पास इसका अधिकार नहीं है। वहीं, भर्ती पर रोक लगाने वाले फैसले पर रोक लगाकर कोर्ट ने बताया है कि यह छात्रों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।

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छात्रों को बड़ी राहत

कोर्ट के इस फैसले से हजारों अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को राहत मिली है, जो अपकमिंग एकेडमिक सैशन में अमेरिका आने की तैयारी कर रहे हैं। न्यायाधीश एलिसन बरोघ्स ने अपने आदेश में कहा कि ट्रंप सरकार का यह कदम विश्वविद्यालय की ऑटोनॉमी और छात्रों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने अस्थायी रूप से आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि जब तक इस पर विस्तृत कानूनी समीक्षा नहीं होती, तब तक हार्वर्ड को विदेशी छात्रों के दाखिले पर किसी भी तरह रोक लगाने का आदेश नहीं दिया जा सकता है।

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क्या है मामला?

ट्रंप प्रशासन ने एक निर्देश जारी किया था कि हार्वर्ड और अन्य विश्वविद्यालयों को विदेशी छात्रों की गतिविधियों, सोशल मीडिया पोस्ट्स और किसी भी “गैरकानूनी या चरमपंथी प्रवृत्ति” की रिपोर्ट अमेरिकी एजेंसियों को देनी होगी। इसका पालन करने में विफल होने पर यूनिवर्सिटी के विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अनुमति को रद्द किया जा सकता है।

कोर्ट पहुंचा हार्वर्ड

हार्वर्ड ने इस आदेश के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया और यह तर्क पेश किया है कि यह आदेश न केवल असंवैधानिक है, बल्कि इससे विश्वविद्यालय की ग्लोबल इमेज और एकेडमिक आजादी को भी नुकसान पहुंचाएगा।

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30 दिनों का समय देना जरूरी

यूनिवर्सिटी ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा था कि ट्रंप सरकार का यह फैसला अचानक लिया गया है। नियमों के अनुसार, ऐसे निर्णयों के बारे में यूनिवर्सिटी को कारण बताने होते हैं और कम से कम 30 दिनों का समय देना जरूरी होता है।

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लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m Namrata Mohanty  @namratamohanty105 Namrata Mohanty
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