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'ईरान की मनमानी पर लगेगा ब्रेक', भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर के समर्थन में उतरे ट्रंप

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के इतर खाड़ी देशों के नेताओं के साथ बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) का खुला समर्थन किया. ट्रंप ने कहा कि पड़ोसी देशों के जहाजों पर ईरान के हमलों ने साफ कर दिया है कि तेल और ऊर्जा व्यापार को ईरानी चौकियों व जलमार्गों के जोखिम से दूर करना होगा.

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संयुक्त राष्ट्र महासभा UNGA की बैठक में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर (IMEC) का खुला समर्थन किया.

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर’ (IMEC) का खुलकर समर्थन किया है. इस बड़े प्रोजेक्ट के जरिए भारत, खाड़ी देशों और यूरोप के बीच सुरक्षित समुद्री व रेल नेटवर्क तैयार कर ऊर्जा संकट और दशकों पुरानी चुनौतियों से निपटा जा सकेगा. संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) और अरब देशों के नेताओं के साथ बैठक में ट्रंप ने साफ कहा कि मिडिल ईस्ट के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरानी चोकपॉइंट्स और नियंत्रण से बाहर निकालना बेहद जरूरी हो गया है.

यह भी पढें: ‘ईरान कभी नहीं बना पाएगा परमाणु बम, दुनिया करे आर्थिक बहिष्कार’ UNGA में डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा जुबानी हमला

UNGA में बैठक के दौरान क्या बोले ट्रंप?

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “पड़ोसी देशों में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों ने यह दिखा दिया है कि मिडिल ईस्ट के तेल ढांचे को ईरानी चौकियों से दूर ले जाना कितना जरूरी है. यही वजह है कि प्रशासन भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का पूरा समर्थन करता है. चाहे पाइपलाइन हो या कोई अन्य रास्ता, तेल को सुरक्षित बाहर निकालेगा. हम सब मिलकर उस चुनौती को खत्म करने की दहलीज पर हैं, जिसने इस क्षेत्र को दशकों से परेशान कर रखा है.”

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क्या है IMEC प्रोजेक्ट?

भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) की शुरुआत सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. इस बहुपक्षीय कनेक्टिविटी परियोजना का मुख्य उद्देश्य भारत, पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच व्यापार, रेल और समुद्री कनेक्टिविटी को मजबूत करना है.

इस कॉरिडोर के दो हिस्से हैं, पहला ‘ईस्टर्न कॉरिडोर’ भारत के मुंद्रा पोर्ट को UAE के फुजैराह से जोड़ेगा. इसके बाद रेल व पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए सऊदी अरब, जॉर्डन और इजरायल के हाइफा पोर्ट तक माल पहुंचेगा. दूसरा ‘नॉर्दर्न कॉरिडोर’, जो हाइफा से फ्रांस, इटली और ग्रीस जैसे यूरोपीय देशों को जोड़ेगा.

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होर्मुज जलडमरूमध्य का सुरक्षित विकल्प

यह कॉरिडोर रणनीतिक रूप से बेहद अहम है क्योंकि यह होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील जलमार्गों पर निर्भरता को कम करता है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान द्वारा तेल मार्गों को बाधित करने की धमकियों के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है. अमेरिका के इस कड़े रुख और समर्थन से कॉरिडोर परियोजना को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

यह भी पढें: डोनाल्ड ट्रंप का AI फोर्स बनाने का ऐलान, जल्द नियुक्त होगा चीफ ऑफिसर, जानें क्या है US प्रेसिडेंट का प्लान?

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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