Donald Trump vs Congress: मिडिल ईस्ट में जंग लड़ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अब अमेरिकी कांग्रेस से नाराज हो गए हैं। उन्होंने किसी भी बिल पर साइन ने करने का फैसला किया है, यानी उन्होंने अपनी कलम पर रोक लगाने की कसम खा ली है। ऐसे में अमेरिका में संवैधानिक संकट गहराने का खतरा पैदा हो गया है। ट्रंप की नाराजगी की वजह वोटर ID लॉ सेव एक्ट है, जिसे कांग्रेस मंजूरी नहीं दे रही। बिल को लेकर अमेरिकी कांग्रेस का रवैया देखकर वे काफी भड़के हुए हैं।

अमेरिका की सियासत में हड़कंप मचा

बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कांग्रेस को धमकी दी है कि जब तक वह विधेयक को मंजूरी नहीं देगा, वे किसी बिल पर साइन नहीं करेंगे। वे कांग्रेस के सारे विधेयकों पर वीटो लगा देंगे। वे सेव एक्ट को लेकर कड़ा रुख अपनाए हुए हैं और इसे लेकर उनकी जिद ने अमेरिका की सियासत में हड़कंप मचा दिया है। क्योंकि उन्होंने साफ-साफ शब्दों में चेतावनी दे दी है कि वे अमेरिकी कांग्रेस के द्वारा सेव एक्ट को मंजूरी नहीं दिए जाने तक किसी बिल या कानून पर दस्तखत नहीं करेंगे।

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ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर ऐलान

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर ट्रंप ने यह ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने पोस्ट में लिखा कि सेव एक्ट को अमेरिकी संसद में पास कराना ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अब जब तक यह बिल पास नहीं हो जाता, तब तक वे बतौर राष्ट्रपति कोई और कानून न बनने देंगे और न ही लागू होने देंगे। बिल रिपब्लिकन पार्टी के कंट्रोल वाली प्रतिनिधि सभा में फरवरी 2026 में ही पास हो गया था, लेकिन सीनेट में इसे पास कराना चुनौती लग रहा है।

क्या है ट्रंप का वोटर ID लॉ सेव एक्ट?

बता दें कि सेव एक्ट (SAVE Act) नवंबर 2026 में अमेरिका में होने वाले मिड टर्म इलेक्शन में वोटिंग से जुड़े नियमों को सख्त करने के लिए बनाया गया है। इसके पास होकर कानून बने के बाद वोटर रजिस्ट्रेशन के समय हर शख्स को अपनी नागरिकता का पक्का सबूत देना होगा। जब तक वह सबूत नहीं देगा, तब तक वोटर कार्ड नहीं बनेगा। अगर कोई चुनाव अधिकारी बिना जरूरी दस्तावेजों के कार्ड बनाएगा है तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान इसमें किया गया है।

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डेमोक्रेट्स क्यों कर रहे बिल का विरोध?

बता दें कि डेमोक्रेट्स ने इस बिल का पुरजोर विरोध किया है, क्योंकि वे इस बिल को वोटर्स को डराने और दबाने की कोशिश कह रहे हैं। डेमोक्रेट्स का मानना है कि नागरिकता के सबूत देने के चक्कर में कई लोग वोटिंग के अधिकार से वंचित रह जाएंगे। क्योंकि इस समय डेमोक्रेटिक पार्टी मजबूत स्थिति में है और वह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव पर फिर से कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। डेमोक्रेट्स को पिछले कुछ चुनाव में जीत हासिल हुई है, जो रिपब्लिकन के लिए झटका है।