ईरान के साथ युद्ध और मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। क्योंकि व्हाइट हाउस में तैनात अमेरिकी की AI पॉलिसी के एडवाइजर श्रीराम कृष्णन ने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। कृष्णन जून के आखिरी हफ्ते में पद छोड़ देंगे, लेकिन वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (AI) सेक्टर में एक्टिव रहेंगे। कृष्णन ट्रंप सरकार की AI पॉलिसी बनाने में अहम भूमिका निभाते रहें है, लेकिन अब वे पद क्यों छोड़ रहे हैं, इसकी वजह उन्होंने नहीं बताई।
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इस्तीफा देने के बाद क्या करेंगे कृष्णन?
श्रीराम कृष्णन ने पद छोड़ने का ऐलान करते हुए ट्वीट लिखा कि अमेरिका की ट्रंप सरकार में AI के वरिष्ठ नीति सलाहकार पद से इस्तीफा दे रहा हूं, लेकिन ट्रंप सरकार के साथ काम करने का अनुभव जीवन का सबसे खास अनुभव रहा है। इस महीने के अंत में व्हाइट हाउस को इस्तीफा भेज दूंगा। इस्तीफे के बाद कुछ समय का अवकाश लेकर रिलैक्स करुंगा। उसके बाद फिर से अमेरिका के सामने आई AI से जुड़ी कुछ बड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करुंगा, जिसके बारे में बाद में बताऊंगा।
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साथ रखने के लिए ट्रंप का आभार जताया
श्रीराम ने बताया कि अमेरिकी जनता की सेवा करना सौभाग्य का काम है। यह अवसर देने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी हूं। अपने मन की स्थिति को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। इससे भी ज्यादा सम्मान की बात राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में सेवा करना है। उनके नेतृत्व में ही अमेरिका AI सेक्टर में अग्रणी है। पिछले 18 महीने में मुझे अमेरिका के लिए AI सेक्टर में कई इनोवेशन करने का मौका मिला। चाहे वह ऊर्जा हो, डेटा सेंटर हों या अमेरिकियों के लिए AI को बेनिफिशियल बनाना रहा हो।
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भारत के चेन्नई शहर में जन्मे श्रीराम कृष्णन
बता दें कि भारतीय मूल के टेक एक्सपर्ट श्रीराम कृष्णन का भारत से गहरा कनेक्शन है। हालांकि वे अब अमेरिकी नागरिक हैं, लेकिन वे चेन्नई, तमिलनाडु में पैदा हुए थे। उन्होंने चेन्नई की SRM University से इंजीनियरिंग की है। साल 2007 में वे नौकरी के लिए अमेरिका चले गए थे। उन्होंने Microsoft, Yahoo, Facebook, Twitter (X) और Snap जैसी बड़ी टेक कंपनियों के साथ काम किया है। साल 2016 में उन्हें अमेरिका की नागरिकता मिल गई थी। उनकी पत्नी आरती राममूर्ति भी भारतीय हैं।
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