अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को निशाना बनाते हुए ट्रुथ सोशल पर एक आक्रामक पोस्ट साझा की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी देश इस 'हास्यास्पद' फैसले के साथ 'खेल' खेलने की कोशिश करेगा, स्पेशली वो देश जो वर्षों-दशकों से अमेरिका को लूट रहे हैं, उन्हें कहीं अधिक ऊंचे टैरिफ का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि 'खरीदार सावधान रहें!!' उन्होंने दूसरे पोस्ट में लिखा, 'राष्ट्रपति के तौर पर मुझे टैरिफ की मंजूरी के लिए कांग्रेस के पास जाने की जरूरत नहीं है. यह मंजूरी बहुत पहले, कई रूपों में मिल चुकी है.'
क्या है पूरा विवाद?
गौरतलब है कि यह विवाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद शुरू हुआ है, जिसमें ट्रंप की वैश्विक टैरिफ नीति को असंवैधानिक ठहराया गया. 20 फरवरी 2026 को 6-3 के बहुमत से आए इस फैसले में अदालत ने कहा कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया. इस नीति के जरिए ट्रंप ने चीन, भारत, यूरोपीय संघ समेत कई देशों पर 10-15 प्रतिशत टैरिफ लगाए थे, जिसे अदालत ने राष्ट्रपति की एकतरफा कार्रवाई करार दिया.
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ट्रंप ने बताया 'अमेरिका-विरोधी' फैसला
डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'अमेरिका-विरोधी' फैसला बताते हुए कहा कि इससे देश को आर्थिक नुकसान होगा. ट्रंप प्रशासन का तर्क रहा है कि वैश्विक व्यापार में अमेरिका का शोषण हो रहा है. उन्होंने दावा किया कि विदेशी उत्पादों पर टैरिफ लगाकर घरेलू उद्योगों को संरक्षण दिया जा सकता है. हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह नीति मुद्रास्फीति बढ़ाएगी और वैश्विक व्यापार युद्ध को जन्म देगी. रॉयटर्स और फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप अब कांग्रेस से नया विधेयक पारित कराने या अन्य कानूनी रास्ते तलाशने की तैयारी में हैं.
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा 2026 के मध्यावधि चुनावों में बड़ा बवाल खड़ा कर सकता है. ट्रंप की यह चेतावनी भारत जैसे देशों के लिए भी अहम है, जहां अमेरिकी निर्यात पर निर्भरता अधिक है. अगर टैरिफ बढ़ा तो आईटी, फार्मा और टेक्सटाइल सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं.