हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

भारत को ट्रंप ने दिया बड़ा झटका, चीन को टैरिफ से बचाने का लगाया आरोप, बोले- दोषी कंपनियों के खिलाफ लेंगे सख्त एक्शन

अमेरिका अब भारत पर चीन को लेकर आरोप लगा रहा है. चीन को टैरिफ से बचाने का आरोप लगाकर ट्रंप ने भारतीय कंपनियों को कठघरे में खड़ा किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बिजनेस एडवाइजर को कंपनियों का पता लगाने का आदेश दिया है.

विज्ञापन
ईरान के कारण प्रतिबंध लगने से भारत और अमेरिका में तनाव पैदा हो सकता है. (Credit- X)

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत समेत 40 देशों को कठघरे में खड़ा कर दिया है, क्योंकि उन्होंने चीन को अमेरिका के टैरिफ से बचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि वे दोषी कपंनियों का पता लगाकर उनके खिलाफ सख्तसे सख्त एक्शन लेंगे. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने चीफ बिजनेस एडवाइजर पीटर नवारो को आदेश दिया है कि आरोपी देशों की कंपनियों पर नजर रखें और चीन के फायदे के लिए काम करने वाली कंपनियों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई करें. कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नवारो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने की छूट भी मिली है.

कौन हैं कैरोलिना लेविट, जिन्होंने अचानक पद छोड़ने का ऐलान करके डोनाल्ड ट्रंप को दिया बड़ा झटका? क्या है फैसले की वजह

2018 में टैरिफ लगाने के बाद ट्रांसशिपमेंट शुरू हुआ

अमेरिका का कहना है कि भारत समेत 40 देशों ने चीन के सामान को ट्रांसशिपमेंट के जरिए अमेरिकी टैरिफ से बचाने में मदद की है. वहीं नवारो ने गुरुवार को ‘द ग्रेट ट्रांसशिपमेंट स्कैम’ नामक रिपोर्ट जारी की, जिसमें उन्होंने कहा कि साल 2018 में चीन पर धारा 301 के तहत टैरिफ लगाया गया था, जिसके बाद ट्रांसशिपमेंट का चलन बढ़ा. चीन ने मैक्सिको, कनाडा, यूरोपीय संघ, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया समेत कई देशों के जरिए अपने सामान को अमेरिकी बाजार तक पहुंचाया. प्रोसेसिंग, बिलिंग में बदलाव, री-लेबलिंग, री-पैकेजिंग करके सामान को दूसरे देश का उत्पाद दिखाकर चीन टैरिफ से बच गया.

विज्ञापन

चीन ने ट्रांसशिपमेंट के जरिए 40 से 303 अरब कमाए

नवारो ने रिपोर्ट में भारत के पुणे-गुजरात-चेन्नई इंडस्ट्रियल एरिया का जिक्र किया है. दावा किया गया है कि इन एरिया में चीन के पंपर और कंप्रेसर को प्रोसेसिंग, बिलिंग में बदलाव, री-लेबलिंग, री-पैकेजिंग करके अमेरिका के बाजार में पहुंचाया जा रहा है. दावा है कि ट्रांसशिपमेंट के जरिए भेजे गए सामान से अलग-अलग तरीकों से 40 अरब से 303 अरब डालर सालाना कमाए गए हैं. इस वर्किंग के सबूत जुटाने के लिए अमेरिका के इंजीनियर्स ‘डिटेक्टिव बार्डर’ नामक AI सिस्टम बना रहे हैं.

‘दावों से हकीकत नहीं बदलती’, होर्मुज पर अमेरिकी कंट्रोल के दावे पर ईरान ने फिर ली ट्रंप की चुटकी

विज्ञापन

नवारो ने बताया कि यह सिस्टम शिपमेंट डेटा, रूटिंग हिस्ट्री, प्रोडक्ट कैटेरगराइजेशन, कंपनियों के चीन की कंपनियों के साथ संबंधों और प्रोडक्शन कैपेसिटी का विश्लेषण करेगी. इसका उद्देश्य चीन से भारत से अमेरिका आने वाली शिपमेंट की पहचान करके बॉर्डर टैक्स, पैनल्टी और बैन लगाने में मदद करना है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola