US-Israel Iran War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान को लेकर आक्रामक रुख अपना लिया है। उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि 48 घंटे का समय देता हूं, या तो ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोल दे या अपना नाम तक मिटते हुए देखने को तैयार हो जाए। अमेरिका-इजरायल मिलकर ईरान को अंधेरे में डुबो देंगे, पावर प्लांट्स पर हमला करके तबाह कर देंगे। दुनिया में अतिरिक्त कच्चे तेल का संकट गहराने लगा लगा है।

21 देशों ने ईरान पर दबाव डाला

बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए 21 देशों ने सैन्य और कूटनीति अपनाने का संकल्प लिया है। UAE ने 20 अन्य देशों के साथ मिलकर एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है, जिसमें ईरान के द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों पर हमलों की निंदा की गई है। ईरान के खिलाफ हुए 21 देशों में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लताविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, रोमानिया, बहरीन, ऑस्ट्रेलिया, लिथुआनिया, कजेशिया शामिल हैं।

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ट्रंप का लक्ष्य हासिल करने का दावा

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अमेरिका नौसेना-वायुसेना ने ईरान को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। फिर भी ईरान के एनालिस्ट कहते हैं कि अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है, जबकि लक्ष्य हासिल किए गए हैं और तय समय से पहले हासिल किए हैं। ईरान की सेना, नौसेना, वायुसेना खत्म हो चुकी है। IRGC को अपंग बना दिया है। अगर ईरान अब समझौता करना चाहते हैं तो भूल जाए, क्योंकि अब मैं नहीं करना चाहता। समझौते करने का समय चला गया है।

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अतिरिक्त कच्चा तेल देने से इनकार

बता दें कि अमेरिका ने बेशक ईरान के कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंधों को ढीला कर दिया है, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल जोड़ा जा सके, लेकिन ईरान ने भी स्पष्ट कह दिया है कि वैश्विक बाजारों को आपूर्ति के लिए उसके पास कोई अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध ही नहीं है। ईरानी तेल मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में ईरान के पास अंतरराष्ट्रीय बाजारों को ऑफर करने लायक कोई अतिरिक्त कच्चा तेल बचा ही नहीं है। इसलिए दुनिया भर के देशों ने ईरान को होर्मुज खोलने की चेतावनी दी है।